मंगलवार को जारी नवीनतम रैंकिंग में पाकिस्तान का पासपोर्ट यमन के साथ 100वें स्थान पर है, जिससे 33 देशों में वीजा-मुक्त पहुंच मिलती है। ये इंडेक्स बताता है कि पाकिस्तान के मौजूदा हालात किस कदर गंभीर हैं और ये कितना कमजोर हो चुका है।
पाकिस्तान सिर्फ इराक (101), सीरिया (102) और अफगानिस्तान (103) से ऊपर है, और इसमें पिछले साल की तुलना में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अफगानिस्तान दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट बना हुआ है। इसके नागरिकों को केवल 26 देशों में वीजा-मुक्त पहुंच मिल रही है। 19 साल के सूचकांक के इतिहास में अब तक का सबसे कम स्कोर है।
इस सूची में सिंगापुर ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल किया है। उसके पासपोर्ट को 195 देशों में वीजा-मुक्त पहुंच मिलती है और इसने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। दूसरे स्थान पर जर्मनी, इटली, जापान, फ्रांस और स्पेन हैं, जिनमें से हर एक के पास 192 देशों तक पहुंच है।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, आयरलैंड, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया और स्वीडन तीसरे स्थान पर हैं, जो 191 देशों तक वीजा-मुक्त पहुंच प्रदान करते हैं। यूनाइटेड किंगडम ने बेल्जियम, डेनमार्क, न्यूजीलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ चौथा स्थान साझा किया, जहां 190 देशों की वीजा मुक्त यात्रा संभव है। 186 देशों तक पहुंच के साथ अमेरिका आठवें स्थान पर है।
शीर्ष 10 में एक अहम देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का है, जिसने इस श्रेणी में पहली बार अपनी शुरुआत की है। संयुक्त अरब अमीरात ने एक अहम स्थिति हासिल की है और यह अब 185 गंतव्यों तक वीजा-मुक्त पहुंच प्रदान करता है। 2006 में सूचकांक शुरू होने के बाद से इसमें 152 अंकों की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी ने संयुक्त अरब अमीरात को रैंकिंग में 53 स्थान के फायदे के साथ 62वें से सीधे 9वें स्थान पर पहुंचा दिया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है, हमारे शोध ने लगातार किसी देश के वीजा-मुक्त स्कोर और उसकी आर्थिक समृद्धि के बीच एक मजबूत संबंध दिखाया है। उच्च वीजा-मुक्त स्कोर वाले देश प्रति व्यक्ति अधिक सकल घरेलू उत्पाद, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में वृद्धि और अधिक मजबूत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंधों को दर्शाते हैं।