नेपाल में एक बार फिर से बड़ा प्लेन हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह नेपाल की राजधानी काठमांडू में विमान क्रैश हुआ था। ये विमान सूर्या एयरलाइंस का था, जिसमें 19 लोग सवार थे। अभी तक इस हादसे में 18 लोगों के मरने की सूचना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे पहले भी नेपाल में बड़ा प्लेन हादसा कब हुआ था? आज हम आपको बताएंगे कि नेपाल में सबसे बड़ा प्लेन हादसा कब हुआ था और उसमें कितने लोगों की मौत हुई थी...
काठमांडू में हुए विमान क्रैश में जिंदा बचने वाले मनीष शाक्य उसी प्लेन के पायलट हैं। टेकऑफ के दौरान जैसे ही यह हादसा हुआ, तभी रेस्क्यू ऑपरेशन चला दिया गया था। किसी तरह पायलट मनीष शाक्य को बचा लिया गया। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, फिलहाल मौत का खतरा टल गया है।
नेपाल के इस सबसे बड़े विमान हादसा के बाद जांच कमेटी का गठन हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, यति एयरलाइंस का विमान ATR-72 नेपाल के पर्यटक शहर पोखरा में उतरने से ठीक पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे के दौरान विमान में सवार सभी लोग मारे गए थे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पायलटों द्वारा गलती से बिजली काट दी गई थी, जिससे विमान की वायु गति में रूकावट सामने आई थी। जिसके कारण यति एयरलाइंस का विमान हादसे का शिकार हुआ था।
बता दें कि पिछले साल पोखरा में हुआ यति विमान हादसा अभी तक नेपाल के इतिहास का सबसे बड़ा विमान हादसा है, जिसमें 72 लोगों की मौत हुई है। नेपाल में इससे बड़ा हादसा कभी नहीं हुआ था। इस विमान हादसे ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था, लेकिन अब एक बार फिर से दोबारा काठमांडू में हुए विमान हादसा ने नेपाल विमान सेवा की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है।
बता दें कि पिछले साल पोखरा में हुआ यति विमान हादसा अभी तक नेपाल के इतिहास का सबसे बड़ा विमान हादसा है, जिसमें 72 लोगों की मौत हुई है। नेपाल में इससे बड़ा हादसा कभी नहीं हुआ था। इस विमान हादसे ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था, लेकिन अब एक बार फिर से दोबारा काठमांडू में हुए विमान हादसा ने नेपाल विमान सेवा की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है।