पृथ्वी से लगभग 5,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित 'त्रिफिड नेबुला' (Trifid Nebula) में सितारों का जन्म हो रहा है। नासा के हबल टेलिस्कोप ने इसकी एक ऐसी विस्तृत तस्वीर कैद की है, जो ब्रह्मांड के निर्माण की प्रक्रिया को दर्शाती है।
यह नेबुला हमसे इतनी दूरी पर है कि इसकी रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में 5,000 साल लगते हैं। यानी हम आज जो देख रहे हैं, वह हकीकत में हजारों साल पुराना इतिहास है।
हबल की तस्वीर में यह क्षेत्र दो हिस्सों में विभाजित दिखता है। दाईं ओर लाल-काले धूल के बादल उमड़ रहे हैं, तो बाईं ओर गहरा नीला आसमान चमकते सितारों से भरा हुआ है।
ये बादल केवल धूल नहीं, बल्कि हाइड्रोजन गैस और सूक्ष्म कण हैं। इन्हीं बादलों के भीतर गुरुत्वाकर्षण के कारण दबाव बढ़ता है और एक नया सितारा आकार लेना शुरू करता है।
पिछले 36 वर्षों से हबल स्पेस टेलिस्कोप पृथ्वी की निचली कक्षा से ब्रह्मांड के ऐसे ही अनसुलझे रहस्यों को हमारे सामने ला रहा है, जिससे मानव की अंतरिक्ष समझ और गहरी हुई है।
जो सितारे बन चुके हैं, वे अपनी अत्यधिक ऊर्जा और विकिरण (Radiation) से अपने आसपास के बादलों को लगातार तराश रहे हैं, जिससे नेबुला का रूप पल-पल बदलता रहता है।
वैज्ञानिक इन बादलों की गति और बदलाव का अध्ययन करते हैं ताकि यह समझा जा सके कि एक छोटा सा गैस का गोला कैसे करोड़ों सालों में एक विशाल दहकते हुए सूरज में बदल जाता है।