नेतन्याहू को कैंसर का पता हाल के कुछ महीनों में ही चला है। नेतन्याहू को अप्रैल 2026 से कुछ महीने पहले नियमित फॉलो-अप चेकअप के दौरान एक "छोटा सा धब्बा" (घातक ट्यूमर) पाया गया था।
डेढ़ साल पहले नेतन्याहू की प्रोस्टेट की सर्जरी हुई थी और इसके बाद, ढाई महीने पहले उनके चिकित्सकों ने यरुशलम के हदासा अस्पताल में विकिरण चिकित्सा के माध्यम से एक छोटे ट्यूमर की सर्जरी की और उसका उपचार किया। उस समय इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने इस जानकारी के प्रसारण को दो महीने के लिए टालने का अनुरोध किया था ताकि ईरान के खिलाफ युद्ध के चरम पर होने के दौरान यह खबर जारी न हो।
नेतन्याहू ने कहा कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्होंने इस ट्यूमर को एक ’’मामूली चिकित्सीय समस्या’’ बताया। नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि उनका ’प्रोस्टेट कैंसर’ का उपचार हुआ था और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
प्रोस्टेट कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि में होने वाला कैंसर है, जो पुरुषों में पाई जाने वाली एक छोटी ग्रंथि होती है और वीर्य बनाने में मदद करती है। यह कैंसर आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।
जैसे-जैसे यह बढ़ता है, पेशाब में दिक्कत, बार-बार पेशाब आना, खून आना या कमर व हड्डियों में दर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ता है। समय पर जांच और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है और कई मामलों में ठीक भी किया जा सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर का इलाज रोग की स्टेज, मरीज की उम्र और उसकी कुल सेहत पर निर्भर करता है। शुरुआती चरण में कई बार डॉक्टर “एक्टिव सर्विलांस” अपनाते हैं, जिसमें नियमित जांच के जरिए बीमारी की निगरानी की जाती है। यदि कैंसर बढ़ने लगे तो सर्जरी (प्रोस्टेट ग्रंथि को हटाना) एक सामान्य विकल्प है। इसके अलावा रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल भी किया जाता है, जिससे कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। कुछ मामलों में हार्मोन थेरेपी दी जाती है, जिससे कैंसर की वृद्धि को धीमा किया जा सके, क्योंकि यह हार्मोन पर निर्भर होता है। उन्नत स्टेज में कीमोथेरेपी या नई टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी का भी उपयोग किया जाता है।