IAF के लिए खरीदे जाएंगे तीन I-STAR जासूसी प्लेन, बच नहीं पाएंगे दुश्मन के हथियार, चप्पे-चप्पे पर होगी नजर

IAF to get 3 Indigenous I STAR Spy Planes : भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए भारत सरकार तकनीकी रूप से बहुत ही जटिल तीन स्वदेशी जासूसी विमान खरीदने जा रही है। ये तीन जासूसी विमान Rs 10,000 करोड़ की लागत से खरीदे जाएंगे। सरकार इसके लिए प्रस्ताव लाने जा रही है। ये I STAR Spy Planes के आ जाने से वायु सेना को जमीन की बहेद साफ तस्वीरें मिलेंगी और ये तस्वीरें उसे जमीन पर दुश्मन के रडार स्टेशन, एयर डिफेंस यूनिट और अन्य गतिमान हथियारों को नष्ट करने में मदद करेंगी।

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Jun 9 2025, 17:35 IST
​रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के लिए पेश होगा प्रोजेक्टImage Credit : Twitter01 / 05

​रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के लिए पेश होगा प्रोजेक्ट

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा अधिकारियों का कहना है कि इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट अधिग्रहण और रिकॉनिसांस (I‑STAR) के लिए ₹10,000 करोड़ का यह प्रोजेक्ट रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में चौथे सप्ताह जून में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

​ओपन टेंडर के जरिए खरीदे जाएंगे 3 विमानImage Credit : Twitter02 / 05

​ओपन टेंडर के जरिए खरीदे जाएंगे 3 विमान

I-STAR प्रणालियां प्रति दिन विमान से जमीन की निगरानी प्रदान करती हैं ताकि बलों को सटीक हमले करने में मदद मिल सके। यह जासूसी विमान परियोजना बचाव रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित की जा रही है। इसमें तीन विमानों की विदेशी निर्माताओं—जैसे बोइंग और बॉम्बार्डियर से ओपन टेंडर के जरिए खरीदे जाएंगे।

​पहले ही विकसित हुआ सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्सImage Credit : Twitter03 / 05

​पहले ही विकसित हुआ सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स

विमान पर लगाए जाने वाले ऑनबोर्ड सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी होंगे, क्योंकि DRDO के सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS) ने इन्हें पहले ही सफलतापूर्वक विकसित कर लिया है। CABS द्वारा विकसित सिद्ध प्रणाली को तीनों विमानों में एकीकृत किया जाएगा।

कुछ ही देशों के पास हैं इस तरह के प्लेन​Image Credit : Twitter04 / 05

कुछ ही देशों के पास हैं इस तरह के प्लेन​

इस I-STAR प्रणाली के विकास से भारत कुछ ही चुनिंदा देशों जैसे अमेरिका, यूके, इजरायल और कुछ अन्य की सूची में शामिल हो जाएगा। I‑STAR प्रणाली दिन और रात खुफिया संग्रह, सर्विलांस, रिकॉनिसांस और टार्गेटिंग हेतु स्टैंड‑ऑफ रेंज से संचालित होगी।

​इनसे मिलता है संवेदनशील टार्गेटिंग सामर्थ्यImage Credit : Twitter05 / 05

​इनसे मिलता है संवेदनशील टार्गेटिंग सामर्थ्य

I-STAR प्रणाली गतिशील और समय-संवेदनशील टार्गेटिंग सामर्थ्य प्रदान करती है और राष्ट्र की सुरक्षा लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान करती है। यह शत्रुतापूर्ण खतरों के पैमाने और जटिलता सीमित करने में मदद करेगी।

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