बच्चों को बाजार का हर खाना पूरी तरह बंद कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन कुछ चीजों की रोजाना आदत बढ़ते वजन का कारण बन सकती है। जानिए किन चीजों को कम रखना और उनकी जगह क्या देना बेहतर है।
चिप्स और पैकेट वाले नमकीन बच्चों के पसंदीदा स्नैक्स में शामिल हैं। इन्हें कभी-कभार खाना अलग बात है, लेकिन रोज की आदत बन जाए तो अतिरिक्त कैलोरी और नमक का सेवन बढ़ सकता है। घर पर भुना चना या मखाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
बाजार में मिलने वाली मीठी ड्रिंक्स, फ्लेवर्ड ड्रिंक और कुछ पैकेज्ड जूस बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। इनमें चीनी काफी हो सकती है। रोज पिलाने के बजाय साधारण पानी, दूध या घर का ताजा पेय देना ज्यादा अच्छा विकल्प है।
बिस्किट छोटे होते हैं, इसलिए अक्सर लगता है कि बच्चा ज्यादा नहीं खा रहा। लेकिन कई तरह के बिस्किट में चीनी, फैट और कैलोरी काफी हो सकती है। हर भूख पर बिस्किट देने के बजाय फल या घर का नाश्ता दिया जा सकता है।
जल्दी तैयार होने के कारण इंस्टेंट नूडल्स और दूसरे पैकेज्ड स्नैक्स व्यस्त दिनों में आसान लगते हैं। समस्या तब शुरू होती है जब ये घर के सामान्य खाने की जगह लेने लगें। इन्हें कभी-कभार रखें और भोजन में दाल, सब्जियां व अनाज शामिल करें।
जन्मदिन या खास मौके पर केक खाना बिल्कुल अलग बात है। लेकिन अगर पेस्ट्री, डोनट और दूसरे मीठे बेकरी उत्पाद रोज के नाश्ते का हिस्सा बन जाएं, तो बच्चे के आहार में अतिरिक्त चीनी और कैलोरी बढ़ सकती है।
बर्गर, फ्राइज, पिज्जा और तले हुए दूसरे फास्ट फूड बच्चों को स्वाद के कारण पसंद आते हैं। इन्हें कभी कभी खिलाना ही सही होता है।
बच्चे का वजन हालांकि सिर्फ बाजार का खाने से नहीं बढ़ता है। एक्सरसाइज की कमी, खराब लाइफस्टाइल आदि भी इसका कारण हो सकते हैं। इसलिए बच्चों की आदतें अच्छी रखने की जरूरत है।