हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में अब तक कितने हिंदुओं की हत्या,किसको कैसे मारा? जानें सबकुछ

उस्मान हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंसा हर बीतते दिन के साथ बढ़ती ही जा रही है। आए दिन कोई न कोई हिंदू कट्टरपंथियों का निशाना बन रहा है। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के शासन भी सवालों के घेरे में है।

Slideshow/s by: शिव शुक्लाUpdated Jan 3 2026, 18:50 IST
हिंसा का नया दौर01 / 08

हिंसा का नया दौर

अगस्त 2024 में शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद से बांग्लादेश के हालात ठीक नहीं हैं। तब से ही भारत का पड़ोसी मुल्क गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। हाल के दिनों उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा लगातार जारी है। जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन,हिंसा और कानून-व्यवस्था की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहां लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। बीते दिनों दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद आए दिन किसी न किसी हिंदू को बेहद दर्दनाक तरीके से मार दिया जा रहा है। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के शासन भी सवालों के घेरे में है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि18 दिसंबर को भारत विरोधी कट्टरपंथी उस्मान हादी की मौत के बाद अब तक कितने हिंदुओं को बांग्लादेश में कैसे मार दिया गया है।

कब हुई उस्मान हादी की मौत​02 / 08

कब हुई उस्मान हादी की मौत​

12 दिसंबर 2025 को भारत विरोधी कट्टरपंथी उस्मान हादी को बाइकसवार हमलावरों ने ढाका के बिजयनगर इलाके में बॉक्स कल्वर्ट इलाके में गोली मार दी थी। जब हादी पर हमला हुआ उस वक्त वो एक जनसभा में था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के लिए हादी को सिंगापुर ले जाया गया,जहां छह दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद ढाका और अन्य इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। भीड़ ने ‘प्रोथोम आलो’और ‘डेली स्टार’अखबारों के दफ्तरों,साथ ही सांस्कृतिक संगठनों छायानात और उदिची शिल्पी गोष्ठी के कार्यालयों में आगजनी की।

हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंसा​03 / 08

हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंसा​

शेख हसीना को पद से अपदस्थ करने के बाद और मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार बनने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक खास तौर पर हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। उनके खिलाफ हिंसा और हत्याओं को लेकर कई विरोधाभासी रिपोर्ट्स और चिंताएं सामने आई हैं। हद तो तब हो गई जब 12 दिसंबर को उस्मान हादी पर हमला हुआ और 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। इसके बाद वहां व्यापक पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। तब से अब तक 16 दिनों में बर्बर तरीके से चार हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। इतना ही नहीं अन्य हिंदुओ के खिलाफ भी हिंसक हमले लगातार जारी हैं।

दीपू चंद्र दास की बर्बरता से हत्या​04 / 08

दीपू चंद्र दास की बर्बरता से हत्या​

18 दिसंबर को हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा में उसी दिन रात को एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेहद बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई थी। मैमनसिंह जिले के भालुका में 27-साल के दीपू चंद्र दास पर ईश निंदा के आरोप लगाकर पहले भीड़ ने उसे पीट-पीट अधमरा कर दिया फिर पेड़ से बांधकर आग लगा दी थी। इस वीभत्स हत्या का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बाद में बांग्लादेशी अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईशनिंदा के आरोप झूठे थे।

अमृत मंडल को पीट-पीट कर मार डाला​05 / 08

अमृत मंडल को पीट-पीट कर मार डाला​

दीपू चंद्र दास की हत्या के एक सप्ताह बाद 24 दिसंबर की रात को राजबाड़ी जिले के पांगशा में एक और हिंदू अमृत मंडल की भी हत्या कर दी गई थी। उस पर जबरन वसूली करने का आरोप लगाकर भीड़ ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने अमृत मंडल को गंभीर अवस्था में पंगसा उपज़िला स्वास्थ्य परिसर ले गए थे,जहां डॉक्टरों ने उसे रात करीब 2 बजे मृत घोषित कर दिया।

बृजेंद्र बिस्वास साथी ने ही मार दी गोली​06 / 08

बृजेंद्र बिस्वास साथी ने ही मार दी गोली​

फिर 30 दिसंबर को एक बार फिर एक हिंदू की हत्या कर दी गई। यह हत्या भी उसी जगह हुई जहां दीपू चंद्र दास को निशाना बनाया गया था। मैमनसिंह के भालुका उपजिला में एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे हिंदू वर्कर बृजेंद्र बिस्वास को उसी के मुस्लिम साथी नौमान मियां ने गोली मार दी थी। इस महीने किसी हिंदू की हत्या की यह तीसरी घटना थी। इस घटना ने साफ कर दिया था कि बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं।

हिंदू बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास की हत्या​07 / 08

हिंदू बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास की हत्या​

वहीं, नए साल की पूर्व संध्या पर एक बार फिर बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की भीड़ की बर्बरता देखने को मिली। यहां हिंदू बिजनेसमैन खोकन चंद्र दास पर 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले के दामुड्या के कोनेश्वर यूनियन में केउरभंगा बाजार के पास हमला हुआ था। स्थानीय अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार,रात करीब 9:30 बजे जब वह अपनी फार्मेसी की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे तभी बदमाशों के एक ग्रुप ने दास को रोका। इसके बाद हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया। इतना ही नहीं उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को बचाने की कोशिश में,दास सड़क के किनारे पास के एक तालाब में कूद गए। उनकी चीखें सुनकर, स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे,जिससे हमलावर भाग गए। जिसके बाद इलाज के दौरान आज शनिवार को ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

दुनिया भर में हो रही निंदा08 / 08

दुनिया भर में हो रही निंदा

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हो रही इन हिंसक घटनाओं की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। भारत सहित कई देशों में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। भारत ने भी बयान जारी कर वहां की युनुस सरकार से हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने को कहा है। साथ ही इन घटनाओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!