सैन्य ताकत वाले मध्य पूर्व के 5 सबसे ताकतवर मुस्लिम देश, खड़ा करना चाहते हैं NATO जैसा सैन्य संगठन

Five military powers of Middle East : दुनिया में 57 मुस्लिम देश हैं। इनमें से कुछ के पास काफी ताकतवर सेना है तो कुछ ऐसे मुस्लिम देश भी हैं जिनके सेना कमजोर मानी जाती है। मध्य पूर्व जहां आर्थिक रूप से संपन्न कई मुस्लिम देश हैं, इनके पास भी मजबूत सेना है। कतर पर इजरायल के हमले के बाद मुस्लिम देश अपनी सुरक्षा के लिए उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) की तर्ज पर एक सैन्य गठबंधन खड़ा करना चाहते हैं। मिस्र ने इस दिशा में पहल की है। पाकिस्तान भी इस सैन्य गठबंधन में शामिल होना चाहता है। यहां हम सैन्य रूप से सबसे ज्यादा मजबूत मध्य पूर्व के पांच देशों के बारे में चर्चा करेंगे।

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Sep 16 2025, 07:46 IST
​इनके पास हैं मजबूत सेना​Image Credit : AP01 / 07

​इनके पास हैं मजबूत सेना​

ग्लोबल फायर पावर की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य पूर्व में सबसे ज्यादा सैन्य रूप से ताकतवर देशों की जो सूची है, उसके हिसाब से पहले स्थान पर तुर्किये, दूसरे स्थान पर ईरान, तीसरे स्थान पर मिस्र, चौथे स्थान पर सऊदी अरब और पांचवें स्थान पर इराक है। (तस्वीर-AP)

​1-तुर्किये (Turkey)Image Credit : AP02 / 07

​1-तुर्किये (Turkey)

तुर्किये नाटो (NATO) का सदस्य होने के कारण इसकी सेना को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का लाभ मिलता है। इसके पास लगभग 4.5 लाख सक्रिय सैनिक और 2.5 लाख रिज़र्व बल हैं। वायुसेना में F-16 लड़ाकू विमान बड़ी संख्या में हैं, साथ ही तुर्किये ने अपने घरेलू ड्रोन (Bayraktar TB2, Akinci) विकसित किए हैं, जिनकी वैश्विक स्तर पर ख्याति है। (तस्वीर-AP)

तुर्किये के पास सबसे संतुलित सेनाImage Credit : AP03 / 07

तुर्किये के पास सबसे संतुलित सेना

नौसेना में पनडुब्बियां और फ्रिगेट शामिल हैं। तुर्किये रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, विशेषकर मिसाइल, ड्रोन और बख्तरबंद वाहनों में। नाटो की सामूहिक सुरक्षा गारंटी इसकी सैन्य शक्ति को और मजबूत बनाती है। (तस्वीर-AP)

​2-ईरान (Iran)Image Credit : AP04 / 07

​2-ईरान (Iran)

ईरान की सेना पारंपरिक हथियारों की तुलना में मिसाइल, ड्रोन्स और अर्धसैनिक बलों (IRGC) पर ज्यादा निर्भर है। इसके पास करीब 5 लाख सक्रिय सैनिक और 2 लाख रिज़र्व बल हैं। ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में काफी प्रगति की है और यह उसके रक्षा सिद्धांत का मुख्य हिस्सा है। वायुसेना अपेक्षाकृत पुरानी है (मुख्यत: पुराने F-4, F-14, Su-24 विमान), लेकिन ड्रोन और मिसाइल क्षमता से वह अपने विरोधियों को चुनौती देता है। ईरान के पास बड़ी संख्या में क्षेत्रीय प्रॉक्सी मिलिशिया भी हैं। (तस्वीर-AP)

​3- मिस्र (Egypt)Image Credit : AP05 / 07

​3- मिस्र (Egypt)

मिस्र की सेना अरब दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है। इसमें लगभग 4.4 लाख सक्रिय सैनिक और 4.8 लाख रिज़र्व हैं। मिस्र अमेरिका, रूस और फ्रांस से आधुनिक हथियार खरीदता है। वायुसेना में F-16, Rafale और MiG-29 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। नौसेना ने फ्रांसीसी मिस्ट्रल-क्लास हेलीकॉप्टर कैरियर और जर्मन पनडुब्बियां खरीदी हैं। मिस्र का भौगोलिक स्थान (स्वेज़ नहर) इसे सामरिक महत्व देता है। हालांकि, इसका बड़ा हिस्सा परंपरागत सैन्य शक्ति पर केंद्रित है, जबकि तकनीकी आत्मनिर्भरता सीमित है। (तस्वीर-AP)

​4-सऊदी अरब (Saudi Arabia)Image Credit : AP06 / 07

​4-सऊदी अरब (Saudi Arabia)

सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातकों में है। इसके पास 2.3 लाख सक्रिय सैनिक और लगभग 2.5 लाख अर्धसैनिक बल हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों (खासकर यमन से आने वाले) से निपटने के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों से अत्याधुनिक वायु-रक्षा प्रणाली (Patriot, THAAD) खरीदी गई है। नौसेना में कॉर्वेट और फ्रिगेट शामिल हैं। हालांकि भारी खर्च के बावजूद, सऊदी सेना की कमजोरी यह है कि वह विदेशी हथियारों और तकनीक पर पूरी तरह निर्भर है, जबकि प्रशिक्षण और युद्ध का अनुभव सीमित है। (तस्वीर-AP)

5- इराक (Iraq)Image Credit : AP07 / 07

5- इराक (Iraq)

इराक की सेना अमेरिकी आक्रमण (2003) और ISIS के खिलाफ युद्ध के बाद धीरे-धीरे पुनर्निर्माण कर रही है। वर्तमान में इसके पास 2 लाख सक्रिय सैनिक और 1.2 लाख पैरामिलिट्री (Popular Mobilization Forces - PMF) हैं। वायुसेना सीमित है, जिसमें F-16 और कुछ हल्के विमान हैं। स्थलीय बल मुख्य रूप से टैंक, बख्तरबंद गाड़ियाँ और हल्के हथियारों पर आधारित हैं। इराक की सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक स्थिरता और बाहरी प्रभाव (अमेरिका और ईरान दोनों का असर) है। हालांकि ISIS के खिलाफ लड़ाई ने सेना को व्यावहारिक युद्ध अनुभव दिया है। (तस्वीर-AP)

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