आर्मी डे : केवल शौर्य-पराक्रम ही नहीं, त्याग, बलिदान और अनुशासन का प्रतीक है भारतीय सेना

Army Day 2026: भारतीय सेना अपने शौर्य, पराक्रम के लिए तो जानी ही जाती है, इसके साथ ही वह त्याग-बलिदान और अनुशासन की प्रतिमूर्ति भी है। सरहदों की सुरक्षा से लेकर शांतिकाल तक वह देश की सेवा करती है। देश के लिए प्राण-न्योछावर और सर्वोच्च बलिदान देने में भी भारतीय सेना के जांबाज पीछे नहीं हटते। उनकी वीरता की कहानियां सियाचीन, कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक फैली हुई हैं। भारतीय सेना का पराक्रम और अनुशासन अन्य देशों की सेनाओं के लिए प्रेरणा भी है। भारतीय सेना कठिन से कठिन परिस्थितियों में अडिग रहना और देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करती आई है। सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। (तस्वीर-X/@adgpi)

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Jan 15 2026, 08:13 IST
बलिदान देने में पीछे नहीं रहतीImage Credit : Twitter01 / 07

बलिदान देने में पीछे नहीं रहती

इन वीरों का जीवन और कार्य हर भारतीय को देश सेवा और राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए प्रेरित करता है। भारतीय सेना 'अजय भारत' के विश्वास को बनाए रखने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देती है। (तस्वीर-X/@adgpi)

​कठिन हालात में भी अडिग रहती हैImage Credit : Twitter02 / 07

​कठिन हालात में भी अडिग रहती है

भारतीय सेना की वीरता और युद्ध कौशल दुश्मन को परास्त करती है। वह कठिन से कठिन परिस्थितियों में अडिग रहती है और देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करती है। (तस्वीर-X/@adgpi)

​भारतीय सेना पर हर भारतीय को गर्वImage Credit : Twitter03 / 07

​भारतीय सेना पर हर भारतीय को गर्व

भारतीय सेना शौर्य, पराक्रम और अनुशासन की ऐसी अद्वितीय प्रतीक है, जिस पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। यह केवल एक सैन्य बल नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता की मजबूत ढाल है। (तस्वीर-X/@adgpi)

​निष्ठा और समर्पण का दूसरा नाम है भारतीय सेनाImage Credit : Twitter04 / 07

​निष्ठा और समर्पण का दूसरा नाम है भारतीय सेना

कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करना, आंतरिक सुरक्षा में योगदान देना और आपदा के समय जनता की सहायता करना—ये सभी भारतीय सेना के मूल दायित्व हैं, जिन्हें वह पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निभाती है। (तस्वीर-X/@adgpi)

वीरता और बलिदान बेमिसालImage Credit : Twitter05 / 07

वीरता और बलिदान बेमिसाल

भारतीय सेना का इतिहास वीरता और बलिदान की अनगिनत कथाओं से भरा पड़ा है। चाहे 1947-48 का कश्मीर युद्ध हो, 1962 का चीन के साथ संघर्ष, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध हों या 1999 का कारगिल युद्ध—हर मोर्चे पर भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। (तस्वीर-X/@adgpi)

​आपदा के समय चलाती है अभियानImage Credit : Twitter06 / 07

​आपदा के समय चलाती है अभियान

भारतीय सेना केवल युद्ध तक सीमित नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, चक्रवात और भूस्खलन के समय सेना सबसे पहले राहत और बचाव कार्यों में जुट जाती है। ‘ऑपरेशन राहत’, ‘ऑपरेशन मैत्री’ और ‘ऑपरेशन सद्भावना’ जैसे अभियानों के माध्यम से सेना ने देश-विदेश में मानवता की सेवा की है। (तस्वीर-X/@adgpi)

​देश की आन-बान और शान की रक्षाImage Credit : Twitter07 / 07

​देश की आन-बान और शान की रक्षा

1971 के युद्ध में बांग्लादेश का निर्माण और कारगिल की दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराना, सेना के पराक्रम के अमिट उदाहरण हैं। इन युद्धों में हजारों सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की आन, बान और शान की रक्षा की। (तस्वीर-X/@adgpi)

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