भारत को मिला आकाश का नया 'शहंशाह', रात में भी दुश्मन के खेमे में मचा सकता है तबाही- जानें AH-64E अपाचे की खूबी

अमेरिकी एयरोस्पेस बोइंग ने मंगलवार को भारतीय सेना को तीन अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर सौंपे। कंपनी ने भारतीय सेना को छह हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के अनुबंध के तहत एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर सौंपे। एएच-64 अपाचे दुनिया के सबसे उन्नत बहुउद्देशीय लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक है और इसे अमेरिकी सेना उड़ाती है।

Authored by: संजीव कुमार दुबेUpdated Jul 22 2025, 15:43 IST
सेना को मिलेगी मजबूती 01 / 07

सेना को मिलेगी मजबूती

सेना ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ये अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर भारतीय सेना की परिचालन क्षमताओं को काफी मजबूत करेंगे।बोइंग ने 2020 में भारतीय वायुसेना को 22 ई-मॉडल अपाचे की आपूर्ति पूरी की और भारतीय सेना के लिए छह एएच-64ई की आपूर्ति के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। भारतीय सेना के अपाचे की आपूर्ति 2024 में शुरू होने वाली थी। (Photo-Indian Army)

​टारगेट पर सटीक वार​02 / 07

​टारगेट पर सटीक वार​

30 मिमी की ऑटोमेटिक गन से लैस जो चलती टारगेट पर सटीक वार कर सकती है। (Photo-Indian Army)

एंटी-टैंक मिसाइलों से लैस 03 / 07

एंटी-टैंक मिसाइलों से लैस

एंटी-टैंक मिसाइलें (जैसे हेलफायर) से लैस है जो दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को उड़ाने में सक्षम है।

हाइड्रा-70 और रॉकेट पॉड्स04 / 07

हाइड्रा-70 और रॉकेट पॉड्स

यह इसलिए भी अनूठा है क्योंकि इसमें हाइड्रा-70 रॉकेट सिस्टम की मौजूदगी है जो बेहद असरदार और घातक है और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है दूसरी तरफ इसके रॉकेट पॉड्स बड़े क्षेत्र में बमबारी करने की ताकत रखते हैं । Photo-Indian Army)

नाइट विज़न और एडवांस टारगेटिंग सिस्टम 05 / 07

नाइट विज़न और एडवांस टारगेटिंग सिस्टम

इसके लिए रात और दिन का कोई मतलब नहीं है। यह किसी भी समय दुश्मनों पर हमला कर उन्हें तबाह करने में समर्थ है । नाइट विज़न और एडवांस टारगेटिंग सिस्टम की वजह से दिन हो या रात, हर मौसम में ऑपरेशन में यह सक्षम है।Photo-Indian Army)

3 हेलीकॉप्टरों  की खेप भारत पहुंची 06 / 07

3 हेलीकॉप्टरों की खेप भारत पहुंची

अमेरिका से खरीदे गए ये हेलीकॉप्टर 860 करोड़ रुपये प्रति यूनिट की लागत से मिले हैं। पहले फेज में 6 में से 3 हेलीकॉप्टर भारत पहुंच चुके हैं, जो अब सेना का हिस्सा बनेंगे। इनकी खरीद 2020 में 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,000 करोड़ रुपये) के सौदे के तहत हुई थी। हेलीकॉप्टर का संचालन जोधपुर में स्थित 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन करेगा, जिन्हें खासतौर पर पश्चिमी सीमा की निगरानी और जवाबी कार्रवाई के लिए तैनात होगी। Photo-Indian Army)

2015 में हुआ था समझौता Image Credit : PHOTO-INDIAN ARMY07 / 07

2015 में हुआ था समझौता

वायुसेना ने सितंबर 2015 में 22 अपाचे हेलीकॉप्टर के लिए अमेरिकी सरकार और बोइंग लिमिटेड के साथ अरबों डॉलर के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय ने 2017 में सेना के लिए 4,168 करोड़ रुपये की लागत से बोइंग से हथियार प्रणालियों के साथ छह अपाचे हेलीकॉप्टर की खरीद को मंजूरी दी थी। Photo-Indian Army)

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