खुफिया सूत्रों के हवाले इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की ISI गैर-स्थानीय नागरिकों, पुलिसकर्मियों (सीआईडी) और कश्मीरी पंडितों को टारगेट कर हमले करने की योजना बना रही है।
कश्मीर में पहलगाम हमले से ठीक पहले 21.04.2025 की शाम को, एक स्थानीय आतंकवादी हाशेर पर्रे उर्फ हमजा (जिला बांदीपोरा) और एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) को हथियारों के साथ गांव क्रीरी से पटन रेलवे ट्रैक (थाना पटन, जिला बारामुला के अंतर्गत) की ओर जाते हुए देखा गया है।
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, आतंकी संगठन आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों और गैर-स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाकर हमले की योजना बना रहे हैं। आतंकियों द्वारा सुरक्षा बलों पर स्टैंडऑफ हमला और बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की आशंका है।
ये आतंकी संगठन उत्तर, मध्य और दक्षिण कश्मीर में सक्रिय हैं। घाटी में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी गैर-स्थानीय हैं, इसलिए रेलवे स्टाफ को निशाना बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रेलवे सुरक्षाकर्मी अक्सर अपने निर्धारित कैंपों/बैरकों से बाहर स्थानीय इलाकों और बाजारों में घूमते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसीलिए कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बड़े कदम उठाये जा रहे है।
पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने ली, जो पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा है।