'सिक्किम सुंदरी' क्या है, हिमालय में 30 साल बाद नजर आया कुदरत का करिश्मा, आनंद महिंद्रा ने दिखाया

'सिक्किम सुंदरी' क्या है (Sikkim Sundari Kya hai): आनंद महिंद्रा ने हाल ही में सोशल मीडिश प्लैटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया जिसमें वह सिक्किम सुंदरी के बारे बता रहे हैं। क्या आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर ये 'सिक्किम सुंदरी' क्या है और क्यों इसे हिमालय में कुदरत का एक करिश्मा कहा जा रहा है।

Authored by: Updated Dec 23 2025, 13:20 IST
हिमालय की दुर्लभ सुंदरताImage Credit : IStock01 / 07

हिमालय की दुर्लभ सुंदरता

आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिपर प्रकृति का अनूठा चमत्कार दिखाया गया है। इसका जिक्र किताबों में भी मुश्किल से मिलता है। इसे 'सिक्किम सुंदरी' के नाम से जाना जाता है। इस पौधे को ब्रह्मकमल जैसी दुर्लभ प्रजातियों के समान माना जाता है।

क्या है सिक्किम सुंदरीImage Credit : IStock02 / 07

क्या है सिक्किम सुंदरी

सिक्किम सुंदरी एक बेहद दुर्लभ हिमालयी पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम Rheum nobile है। यह पौधा सिक्किम और आसपास के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है। इसे ग्लासहाउस प्लांट भी कहा जाता है।

कहां उगता है यह पौधा?Image Credit : IStock03 / 07

कहां उगता है यह पौधा?

सिक्किम सुंदरी बहुत ऊंचाई पर उगने वाला पौधा है। यह समुद्र तल से 4,000 से 4,800 मीटर की ऊंचाई पर उगता है। और भी बेहद ठंडे और कठिन मौसम में। यह प्लांट चट्टानी और बर्फीले इलाकों में ही मिलता है। इसे स्थानीय लोग 'चुका' भी कहते हैं।

क्यों है यह इतना खास?Image Credit : IStock04 / 07

क्यों है यह इतना खास?

इस पौधे की पत्तियां पारदर्शी (ट्रांसलूसेंट) होती हैं। ये पत्तियां इसे तेज धूप से बचाती हैं जिससे यह कड़ाके की ठंड में गर्मी बनाए रखता है। इसी वजह से इसे 'ग्रीनहाउस प्लांट' का भी नाम दिया गया है।

कई वर्ष में एक बार उगनाImage Credit : IStock05 / 07

कई वर्ष में एक बार उगना

सिक्किम सुंदरी के नाम से मशहूर यह पौधा 7 से 30 साल तक जमीन के अंदर ऊर्जा जमा करता है। इस दौरान यह छोटे पत्तियों के एक गुच्छे के तौर पर नजर आता है। जीवन में यह पौधा एक ही बार बीज छोड़ता है और फिर समाप्त हो जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में मोनोकार्पिक पौधा कहा जाता है।

औषधीय और सांस्कृतिक महत्वImage Credit : IStock06 / 07

औषधीय और सांस्कृतिक महत्व

इस पौधे का पारंपरिक उपयोग तिब्बती चिकित्सा में होता है। स्थानीय लोग इसकी जड़ें और तना इस्तेमाल करते हैं। वहीं इसे हिमालय की जैव विविधता का अनमोल खजाना माना जाता है।

आनंद महिंद्रा ने क्या कहा?Image Credit : IStock07 / 07

आनंद महिंद्रा ने क्या कहा?

आनंद महिंद्रा ने इस पौधे को देखने को धैर्य और सहनशीलता की मिसाल बताया है। सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता को सराहते हुए उन्होंने सवाल भी उठाया कि ऐसी प्राकृतिक धरोहरों के बारे में हमारी किताबों में क्यों नहीं पढ़ाया जाता है।

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