भारत विविधताओं का देश है, जहां खान-पान में भी अलग-अलग राज्यों की अपनी खास मिठाइयां हैं। लेकिन कुछ खास मिठाइयां हैं जो लगभग हर राज्य में पसंद की जाती है। ऐसी ही एक मिठाई है जिसे भारत की सबसे पुरानी मिठाई भी कहा जाता है:
भारत की सबसे पुरानी मिठाई है अपूपा, जिसे आज हम मालपुआ के नाम से जानते हैं। इसका इतिहास करीब 3500 साल पुराना है और यह भारतीय पाक कला की प्राचीन संस्कृति का जीता-जागता प्रमाण है।
वैदिक काल से अपूपा का प्रचलन रहा है। ऋग्वेद और अथर्ववेद में इसका जिक्र मिलता है। उस समय इसे ऋषि-मुनि विशेष धार्मिक और सामाजिक अवसरों पर खाते थे।
शुरुआत में अपूपा जौ के आटे से बनाई जाती थी। आटे को दूध, दही या पानी में मिलाकर छोटे-छोटे पुए बनाए जाते थे। इन्हें घी में तलकर शहद में डुबोया जाता था। यह प्रक्रिया सरल लेकिन पौष्टिक थी।
समय के साथ अपूपा का रूप बदलता गया। जौ के आटे की जगह मैदा और गेहूं का आटा आने लगा। शहद की जगह पहले गुड़ और बाद में चीनी का इस्तेमाल होने लगा।
धीरे-धीरे अपूपा को मालपुआ कहा जाने लगा। आज मालपुआ में सौंफ, इलायची और मेवे मिलाए जाते हैं। स्वाद और बनावट में बदलाव आया, लेकिन मूल तत्व वही रहे।
मालपुआ आज भी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। होली, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर इसे बनाया जाता है। इसे प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है।