Life Lessons of Dusseshra: भगवान राम द्वारा रावण का वध हमें जीवन के कई अनमोल सबक सिखाता है। हर कोई मानता है कि रावण जैसा विद्वान और शक्तिशाली व्यक्ति सिर्फ अपने अहंकार और गलतियों की वजह से नष्ट हुआ। अगर हम चाहें, तो उसके पतन से भी सफलता के रास्ते सीख सकते हैं।
रावण का सबसे बड़ा दोष उसका अहंकार था। सफलता पाने के लिए विनम्र रहना जरूरी है।
तमाम शक्तियों और ज्ञान के बावजूद रावण की पराजय और उसकी मृत्यु हमें सिखाती है कि सफल वही होता है जो हमेशा सत्य और अच्छाई का साथ देता है।
रावण ने भाई विभीषण की बात नहीं मानी। सफल इंसान वही है जो सही सलाह सुनकर अपनाता है।
रावण को अभिमान था कि ये तुच्छ वानरों की सेना उसका क्या बिगाड़ लेगी। लेकिन उसका यही आंकलन उसे भारी पड़ गया। हमें कभी भी अपने दुश्मन को कम नहीं आंकना चाहिए।
रावण ज्ञानी था, पर विवेक खो बैठा। सफलता पाने के लिए ज्ञान के साथ विवेक भी जरूरी है।
राणव को बिल्कुल भी ये गलत नहीं लगता था कि उसने सीता का अपहरण किया। उसका यही फैसला उसकी मौत का कारण बना। इसलिए हमेशा सही गलत का फर्क समझना जरूरी है।