​Dussehra 2025: इस दशहरा खुद को बनाएं बेहतर, रावण के पतन से सीखें सफल जीवन के अनमोल सबक​

​Dussehra 2025: दशहरा का पावन पर्व आ चुका है। इस विजयादशमी भी कहते हैं। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था। प्रतीक के तौर पर देश भर में दशहरे के दिन रावण दहन किया जाता है। रावण का पुतला बनाकर उसमें आग लगाई जाती है। ​

Authored by: सुनीत सिंहUpdated Oct 1 2025, 10:49 IST
रावण दहन से सीखें सफल जीवन के गुणImage Credit : IStock01 / 07

रावण दहन से सीखें सफल जीवन के गुण

​Life Lessons of Dusseshra: भगवान राम द्वारा रावण का वध हमें जीवन के कई अनमोल सबक सिखाता है। हर कोई मानता है कि रावण जैसा विद्वान और शक्तिशाली व्यक्ति सिर्फ अपने अहंकार और गलतियों की वजह से नष्ट हुआ। अगर हम चाहें, तो उसके पतन से भी सफलता के रास्ते सीख सकते हैं।​

​कभी अहंकार ना करें​Image Credit : IStock02 / 07

​कभी अहंकार ना करें​

रावण का सबसे बड़ा दोष उसका अहंकार था। सफलता पाने के लिए विनम्र रहना जरूरी है।

​अच्छाई का साथ दें​Image Credit : IStock03 / 07

​अच्छाई का साथ दें​

तमाम शक्तियों और ज्ञान के बावजूद रावण की पराजय और उसकी मृत्यु हमें सिखाती है कि सफल वही होता है जो हमेशा सत्य और अच्छाई का साथ देता है।

​सही सलाह मानें​Image Credit : IStock04 / 07

​सही सलाह मानें​

रावण ने भाई विभीषण की बात नहीं मानी। सफल इंसान वही है जो सही सलाह सुनकर अपनाता है।

​दुश्मन को कमजोर ना समझें​Image Credit : IStock05 / 07

​दुश्मन को कमजोर ना समझें​

रावण को अभिमान था कि ये तुच्छ वानरों की सेना उसका क्या बिगाड़ लेगी। लेकिन उसका यही आंकलन उसे भारी पड़ गया। हमें कभी भी अपने दुश्मन को कम नहीं आंकना चाहिए।

​ज्ञान के साथ विवेक भी जरूरी​Image Credit : IStock06 / 07

​ज्ञान के साथ विवेक भी जरूरी​

रावण ज्ञानी था, पर विवेक खो बैठा। सफलता पाने के लिए ज्ञान के साथ विवेक भी जरूरी है।

​सही गलत का फर्क समझें​Image Credit : IStock07 / 07

​सही गलत का फर्क समझें​

राणव को बिल्कुल भी ये गलत नहीं लगता था कि उसने सीता का अपहरण किया। उसका यही फैसला उसकी मौत का कारण बना। इसलिए हमेशा सही गलत का फर्क समझना जरूरी है।

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