अरशद वारसी मशहूर अभिनेता होने के साथ ही दो बच्चों के पिता भी हैं। उन्होंने अपने बच्चों की बहुत अच्छी तरह से परवरिश की है। हालांकि वह मानते हैं कि बतौर पेरेंट्स हम लोगों से एक बड़ी गलती हो रही है।
अरशद वारसी कहते हैं कि हम अपने बच्चों को तब तक बहुत प्यार करते हैं, जब तक उनकी कोई अपनी राय नहीं होती। लेकिन जैसे ही वे बड़े होते हैं और खुद की सोच रखने लगते हैं।
अरशद वारसी कहते हैं कि हम उनसे नाराज होने लगते हैं, क्योंकि अब वो हमारी हर बात नहीं मानते।
बकौल अरशद वारसी असल में उस वक्त पेरेंट्स बच्चे को सुधार नहीं रहे होते, बल्कि अपनी पावर दिखाने की कोशिश कर रहे होते हैं। पेर्ंट्स को लगने लगता है कि मेरी बात नहीं मानी गई।
अरशद कहते हैं कि शायद ही कभी माता-पिता यह सोचते हैं कि गलती मेरी भी हो सकती है और बच्चा सही हो।
अरशद अपने अनुभव से कहते हैं कि बच्चे बड़े होते हैं, उनकी सोच और विचार बदलने लगते हैं, जबकि पेरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे वही करें जो वे सही समझते हैं। यही टकराव धीरे-धीरे एक बड़ी दूरी में बदल जाती है।
बतौर अभिभावक अगर आप चाहते हैं कि आपके और आपके बच्चों के बीच के रिश्ते मधुर बने रहें तो एक बार अरशद वारसी की इस बात पर गौर जरूर करें।