आपने स्वामी विवेकानंद के मोटिवेशनल कोट्स के बारे में अक्सर सुना होगा, लेकिन क्या आपने जानते हैं कि स्वामी जी की बातें न केवल हमारे मन बल्कि हमारे शरीर को भी ऊर्जा देने वाली होती हैं। आज हम आपको स्वामी जी के ऐसे शानदार विचारों से अवगत कराने जा रहे हैं। जिन्हें फॉलो कर आप अपनी सेहत को दुरुस्त रख सकते हैं।
स्वामी जी के अनुसार, ' विश्व एक व्यायामशाला है, जहां हम खुद को मजबूत करने के लिए आते हैं'।
स्वामी जी का कहना है कि 'जैसा तुम सोचते हो वैसे बन जाते हो'। जिसका मतलब है कि यदि तुम को खुद को ताकतवर सोचोगे तो ताकतवर बन जाओगे और कमजोर सोचोगे तो कमजोर बन जाओगे।
स्वामी जी ने कहा, उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत' इसका मतलब है कि आपको तब तक खुद को नहीं रोकना है जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए। यही विचार हमें सेहत के लिए भी प्रेरित करता है।
स्वामी विवेकानंद के अनुसार, एक विचार कर लो। उस विचार को अपना जीवन बना लो। उस विचार को जियो। इसे अपने मस्तिष्क मांसपेशियों, नसों और शरीर के हर एक हिस्से में डूब जाने दो। यह सफल होना का तरीका है।
स्वामी जी के अनुसार, 'तुम फुटबॉल के सहारे स्वर्ग के ज्यादा नजदीक जा सकते हो, बजाय गीता के अध्ययन के। इसका साफ मतलब है कि आप पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों का बराबर ख्याल रखें।
स्वामी जी ने कहा है कि 'हमारा आहार जिस तरह का होगा, हमारे विचार भी उसी तरह के हो जाएंगे। इसलिए अच्छे विचारों और मेंटल हेल्थ के लिए जरूरी है कि आप सात्विक भोजन लें।
स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि, 'खुद को कमजोर समझना सबसे सबसे बड़ा पाप है। यही बात आपके स्वास्थ्य पर भी लागू होती है। इसलिए अपनी सेहत को फिट रखें।
स्वामी जी के अनुसार, ' जिस समय जिस काम को करने का प्रण करो, उसे ठीक उसी समय पर ही कर लेना चाहिए, नहीं तो लोगों का विश्वास आपके ऊपर से उठ जाता है'। समय का पाबंद होना आपको हेल्दी रहने में काफी मदद करता है।
'जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं तब तक आप भगवान पर भी विश्वास नहीं कर सकते हैं'। इसलिए सेहतमंद रहने के लिए आपको पहले खुद पर विश्वास करना होगा।