गर्मी शुरू होते ही सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि खाना कैसे सुरक्षित रखा जाए। कई बार हम सोचते हैं कि खाना ठीक है क्योंकि उसमें कोई अजीब गंध नहीं आ रही या उसका रंग नहीं बदला है। लेकिन असलियत ये है कि गर्मी में खाना बहुत जल्दी खराब हो सकता है, और यही चुपचाप शरीर में जाकर फूड पॉइजनिंग की वजह बनता है। इसलिए इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
जब तापमान बढ़ता है, तो बैक्टीरिया भी तेजी से बढ़ने लगते हैं। खासकर जब खाना कमरे के तापमान पर रखा रहता है, तब उसमें कीटाणु पनपने लगते हैं। यही कारण है कि गर्मी में रखा हुआ खाना ज्यादा देर तक सुरक्षित नहीं रहता और जल्दी खराब हो जाता है।
हम में से ज्यादातर लोग खाने को सूंघकर या देखकर ही तय करते हैं कि वो सही है या नहीं। लेकिन हर बार ऐसा करना सुरक्षित नहीं होता। कुछ बैक्टीरिया ऐसे होते हैं जो खाने के स्वाद, रंग या खुशबू को नहीं बदलते, लेकिन फिर भी वो शरीर में जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
गर्मी के मौसम में अगर पका हुआ खाना 2 घंटे से ज्यादा बाहर रखा रहे, तो उसमें बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। खासकर चावल, दूध से बनी चीजें और नॉन-वेज जल्दी खराब होते हैं। इसलिए इन्हें ज्यादा देर तक बाहर छोड़ना ठीक नहीं है।
अगर आपने खराब खाना खा लिया है, तो कुछ घंटों बाद उल्टी, दस्त, पेट में दर्द या बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में कमजोरी भी महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखें तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
गर्मी में खाना बचाना है तो उसे समय पर फ्रिज में रखना बहुत जरूरी है। खाने को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह गर्म करें। साथ ही किचन की सफाई और हाथों की हाइजीन का ध्यान रखें। कच्चे और पके खाने को अलग रखना भी जरूरी है, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
छोटी-छोटी आदतें ही बड़े खतरे से बचाती हैं। गर्मी में थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को फूड पॉइजनिंग से सुरक्षित रख सकते हैं।
प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।