दिमाग का तनाव, पेट में बवाल, जानिए तनाव से क्यों बिगड़ता है पेट

तेजी से भाग रही जिंदगी में तनाव हमारी लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन चुका है। कई बार होता है कि जब हम किसी बात को लेकर चिंतित होते हैं, तो हमारे सिर में दर्द या मन में बेचैनी होने लगती है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि तनाव का सीधा असर हमारे पेट पर भी पड़ता है?

Authored by: Suneet SinghUpdated Sep 26 2026, 12:32 IST
​इंसान का दूसरा दिमाग कहलाता है पेट​Image Credit : Istock/pexels01 / 07

​इंसान का दूसरा दिमाग कहलाता है पेट​

हमारा दिमाग और पेट एक-दूसरे से बेहद गहराई से जुड़े हुए हैं। मेडिकल साइंस में पेट को इंसान का 'दूसरा दिमाग' भी कहा जाता है। जब दिमाग में कोई तनाव या हलचल होती है, तो उसका सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर दिखाई देने लगता है।

​स्लो हो जाता है डाइजेशन​Image Credit : Istock/pexels02 / 07

​स्लो हो जाता है डाइजेशन​

जब आप तनाव में होते हैं, तो शरीर 'फाइट या फ्लाइट' मोड में चला जाता है। इस स्थिति में दिमाग तनाव से निपटने के लिए शरीर का ज्यादातर खून मांसपेशियों और दिल की तरफ भेज देता है। इसके कारण पेट की तरफ खून का बहाव कम हो जाता है और पाचन क्रिया धीमी हो जाती है।

​बढ़ जाती है एसिडिटी​Image Credit : Istock/pexels03 / 07

​बढ़ जाती है एसिडिटी​

तनाव के दौरान शरीर में कार्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर तेजी से बढ़ता है। ये हार्मोन्स पेट के एसिडिक संतुलन को बिगाड़ देते हैं। यही वजह है कि ज्यादा चिंता या तनाव के समय पेट में जलन, एसिडिटी, गैस और खट्टी डकारें आने की समस्या बढ़ जाती है।

 कब्ज की शिकायत​Image Credit : Istock/pexels04 / 07

कब्ज की शिकायत​

दिमाग और आंतों के बीच का यह संपर्क 'गट-ब्रेन एक्सिस' कहलाता है। जब आप मानसिक तनाव से गुजरते हैं, तो आंतों की मांसपेशियां या तो बहुत तेज सिकुड़ने लगती हैं या बिल्कुल सुस्त पड़ जाती हैं। इसी कारण से कई लोगों को तनाव में तुरंत दस्त हो जाते हैं या फिर कब्ज की शिकायत हो जाती है।

​खराब हो जाती है पेट की सेहत​Image Credit : Istock/pexels05 / 07

​खराब हो जाती है पेट की सेहत​

हमारे पेट में अरबों गुड बैक्टीरिया होते हैं, जो खाना पचाने और इम्युनिटी बढ़ाने का काम करते हैं। लगातार तनाव में रहने से पेट के इन अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने लगता है। इस असंतुलन से पेट में ऐंठन, ब्लोटिंग और भारीपन महसूस होने लगता है।

​डेली लाइफ पर भी पड़ता है असर​Image Credit : Istock/pexels06 / 07

​डेली लाइफ पर भी पड़ता है असर​

लंबे समय तक रहने वाला तनाव 'इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम' जैसी गंभीर पेट की बीमारियों का कारण बन सकता है। आईबीएस के मरीजों में मानसिक तनाव के कारण पेट दर्द, मरोड़ और दस्त या कब्ज की समस्या बार-बार होने लगती है, जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित होता है।

​याद रखें ये अहम बातें​Image Credit : Istock/pexels07 / 07

​याद रखें ये अहम बातें​

इसलिए अगर आप अपने पेट को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने दिमाग का तनाव कम करना जरूरी है। योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के व्यायाम और पर्याप्त नींद की मदद से आप तनाव को नियंत्रित कर सकते हैं। जब आपका दिमाग शांत रहेगा, तो पेट का बवाल भी अपने आप खत्म हो जाएगा।

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