हमारे फेफड़े दिन-रात बिना रुके शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन उनकी सेहत पर अक्सर तब ध्यान जाता है जब सांस लेने में परेशानी शुरू हो जाती है। हालांकि कुछ आसान घरेलू संकेतों और टेस्ट की मदद से आप यह अंदाजा लगा सकते हैं।
गहरी सांस लेकर जितनी देर तक आराम से सांस रोक सकते हैं, उतना समय नोट करें। यदि बिना किसी तकलीफ के 30 सेकंड या उससे अधिक समय तक सांस रोक पाते हैं तो यह सामान्य फेफड़ों की क्षमता का संकेत हो सकता है। यदि 15-20 सेकंड में ही सांस फूलने लगे तो जांच करवाना बेहतर रहेगा।
लगातार दो मंजिल सीढ़ियां चढ़ें। यदि ऊपर पहुंचने के बाद बहुत अधिक सांस फूल रही है या सीने में जकड़न महसूस हो रही है, तो यह फेफड़ों या हृदय से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
एक सामान्य गुब्बारा एक ही सांस में फुलाने की कोशिश करें। यदि यह करना बेहद मुश्किल लग रहा है, तो फेफड़ों की क्षमता अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
यदि तीन सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी बनी हुई है, बलगम आता है या खांसी के साथ खून दिखाई देता है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
लगातार 6 मिनट तक सामान्य गति से चलें। यदि इस दौरान अत्यधिक सांस फूलने लगे या बार-बार रुकना पड़े, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित होगा।
यदि घर में पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध है, तो आराम की स्थिति में ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO₂) जांचें। सामान्यतः 95% से 100% के बीच का स्तर अच्छा माना जाता है। यदि बार-बार 94% या उससे कम रीडिंग आए, तो चिकित्सकीय सलाह लें।