Guru Pushya Nakshatra Pada 4 Transit 2026 : 3 अगस्त 2026 की रात 11 बजकर 17 मिनट पर देवगुरु बृहस्पति (गुरु) ने कर्क राशि में स्थित पुष्य नक्षत्र के चतुर्थ पद में प्रवेश कर लिया है। गुरु इस समय कर्क राशि में ही विराजमान हैं, जहां उन्हें वैदिक ज्योतिष में उच्च (Exalted) माना जाता है। वहीं पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है। यानी इस गोचर में उच्च के गुरु और शनि की अनुशासित ऊर्जा का समन्वय देखने को मिलेगा। यही कारण है कि यह नक्षत्र परिवर्तन केवल शुभ फल देने वाला ही नहीं, बल्कि स्थायी सफलता, परिपक्व निर्णय और दीर्घकालिक उपलब्धियों की नींव रखने वाला भी माना जा रहा है।राशि परिवर्तन की तुलना में नक्षत्र के पद परिवर्तन का प्रभाव सूक्ष्म होता है, लेकिन यह व्यक्ति के निर्णय लेने के तरीके, अवसरों के चयन और कर्म की दिशा को गहराई से प्रभावित करता है। इसलिए इस गोचर को केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि करियर, शिक्षा, निवेश और पारिवारिक जीवन के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
वैदिक ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में सबसे शुभ और पोषण देने वाले नक्षत्रों में गिना जाता है। इसके अधिदेव बृहस्पति माने जाते हैं, जबकि नक्षत्र स्वामी शनि हैं। यहां एक विशेष ज्योतिषीय संतुलन बनता है। शनि अनुशासन, धैर्य और कर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि गुरु ज्ञान, धर्म, विस्तार और समृद्धि के कारक हैं। जब उच्च के गुरु पुष्य नक्षत्र के चौथे चरण में आते हैं तो ज्ञान केवल विचार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यवहार और जीवन में उतरने लगता है। यह चरण परिवार, मानसिक स्थिरता, सामाजिक प्रतिष्ठा और स्थायी उपलब्धियों को मजबूत करने वाला माना जाता है।
वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर संचार, व्यापार और नए संपर्कों के माध्यम से लाभ देने वाला साबित हो सकता है। व्यापार विस्तार की योजनाएं आगे बढ़ेंगी और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है। जो लोग मार्केटिंग, मीडिया, शिक्षा, बैंकिंग या बिजनेस में हैं, उन्हें अपने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है। परिवार में भी शुभ समाचार मिलने के योग बन रहे हैं।
गुरु आपकी ही राशि में उच्च अवस्था में रहते हुए पुष्य नक्षत्र के चौथे चरण में पहुंचे हैं। इससे व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता पहले से अधिक मजबूत होगी। यदि पिछले कुछ समय से करियर में रुकावट महसूस हो रही थी तो अब परिस्थितियां आपके पक्ष में बनने लगेंगी। विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं और नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक वातावरण भी पहले की तुलना में अधिक संतुलित रहेगा और समाज में सम्मान बढ़ सकता है।
कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर आय और दीर्घकालिक योजनाओं को मजबूत करेगा। नए स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों का सहयोग मिलेगा। यदि आप नई नौकरी, प्रमोशन या बिजनेस विस्तार की योजना बना रहे हैं तो यह समय अनुकूल रह सकता है। भविष्य के लिए किया गया निवेश भी लाभदायक साबित हो सकता है।
वृश्चिक राशि के लिए यह गोचर भाग्य और धर्म के भाव को मजबूत करेगा। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, विदेश यात्रा, रिसर्च और सरकारी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी। यदि आप लंबे समय से किसी महत्वपूर्ण अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो यह समय सकारात्मक परिणाम दे सकता है। गुरु और शनि की संयुक्त ऊर्जा आपको धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी, जिससे लिए गए निर्णय भविष्य में लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।
गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनका यह नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए विशेष महत्व रखता है। रचनात्मक कार्यों, शिक्षा, संतान, निवेश और आध्यात्मिक क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलने के योग हैं। यदि आप शिक्षक, सलाहकार, लेखक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक या रिसर्च से जुड़े हैं तो आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक मामलों में भी स्थिरता आएगी और लंबे समय के निवेश से लाभ मिलने की संभावना रहेगी।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।