वेटिकन अपोस्टोलिक आर्काइव में सदियों पुराने रहस्यमय दस्तावेज सुरक्षित हैं। स्कॉलर्स को यहां के कुछ हिस्सों में आने-जाने की छूट है। लेकिन आज भी कुछ इलाके प्रतिबंधित हैं और वहां कोई भी आ-जा नहीं सकता है। ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम कर दिया जाता है। कैमरा आदि को जब्त कर लिया जाता है और व्यक्ति को हमेशा के लिए वेटिकन संस्थानों से प्रतिबंधित किया जा सकता है। यहां तक कि कानूनी कार्रवाई भी झेलनी पड़ सकती है।
ब्राजील के तट से कुछ दूरी पर मौजूद स्नेक आइलैंड दुनिया के सबसे खतरनाक द्वीपों में से एक है। इस द्वीप पर हजारों बेहद जहरीले गोल्डन लांसहेड सांपों ने अपना घर बनाया हुआ है। मानव जीवन और दुर्लभ सांप प्रजाति की सुरक्षा के लिए यहां पर्यटन पूरी तरह प्रतिबंधित है। केवल वैज्ञानिकों को अनुमति है। अवैध रूप से पहुंचने वाले पर्यटकों को गिरफ्तारी और जुर्माने का सामना करना पड़ता है, लेकिन उससे पहले जानलेवा सांप का खतरा सबसे बड़ा जोखिम होता है।
यूक्रेन का चेर्नोबिल क्षेत्र फिलहाल सीमित पर्यटन के लिए ही खुला है, लेकिन रिएक्टर-4 के आसपास के इनर जोन में एंट्री अब भी पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ज्ञात हो कि साल 1986 के न्यूक्लियर एक्सीडेंट के दशकों बाद भी यहां रेडिएशन का स्तर बेहद खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। नियम तोड़कर एंट्री करने वालों को तुरंत हिरासत में लेने के साथ ही भारी जुर्माना और क्षेत्र से निकाल बाहर किया जाता है। कानूनी सजा से ज्यादा खतरनाक रेडिएशन का जानलेवा असर हो सकता है।
अमरिका में नेवादा के रेगिस्तान स्थित एरिया 51 दुनिया के सबसे गोपनीय सैन्य ठिकानों में से एक है। UFO से जुड़ी अफवाहों के कारण यह जगह हमेशा से चर्चा में रही है। हालांकि, पर्यटक यहां पास के इलाकों तक जा सकते हैं, लेकिन प्रतिबंधित सीमा पार करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने पर अमेरिका के सशस्त्र सुरक्षा बल तुरंत कार्रवाई करते हैं। यहां फोटोग्राफी पूरी तरह से प्रतिबंधित है और नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
अंडमान निकोबार का नॉर्थ सेंटिनल द्वीप दुनिया की सबसे अलग-थलग जनजातियों में से एक सेंटिनलीज का घर है। भारतीय कानून के तहत यह द्वीप दशकों से निषिद्ध क्षेत्र घोषित है। बाहरी लोगों के यहां एंट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और ऐसा करने पर केवल कानूनी कार्रवाई की जाती है। यही नहीं यहां जाने पर जान का भी गंभीर खतरा रहता है। यहां जाने की कोशिश करने वाले कई बाहरी लोगों की मौत हो चुकी है। यहां न बचाव अभियान होते हैं, न पर्यटन, कानून और सुरक्षा सर्वोपरि है।