लद्दाख में 2 कूबड़ वाले ऊंट क्यों रखती है सेना, क्या आप जानते हैं जवाब ?

ठंड के मौसम में माइनस 30 डिग्री से भी कम तापमान और ऑक्सीजन की भारी कमी वाले इलाके लद्दाख में जहां इंसान और मशीनें दोनों ही बेबस हो जाते हैं, वहीं भारतीय सेना के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है एक खास योद्धा। और वो है दो कूबड़ वाला ऊंट।

Authored by: कुसुम भट्टUpdated Dec 20 2025, 16:25 IST
2 कूबड़ वाले ऊंट क्यों रखती है सेना ?Image Credit : Canva01 / 06

2 कूबड़ वाले ऊंट क्यों रखती है सेना ?

लद्दाख की दुर्गम पहाड़ियों पर भारतीय सेना ऊंट पर भरोसा करती है। मगर ये सामान्य ऊंट नहीं बल्कि दो कूबड़ वाले ऊंट होते हैं। मगर सवाल ये कि हैलीकॉप्टर और तकनीक के इस जमाने में सेना क्यों इन दो कूबड़ वाले ऊंट को रखती है ?

बैक्ट्रियन ऊंट रखती है सेनाImage Credit : Canva02 / 06

बैक्ट्रियन ऊंट रखती है सेना

​लद्दाख में इस्तेमाल होने वाले ये ऊंट डबल हंप्ड या फिर बैक्ट्रियन ऊंट कहलाते हैं। इनके दो कूबड़ होते हैं जो इन्हें सामान्य रेगिस्तानी ऊंटों से अलग और खास बनाते हैं। ​

क्या होती है इन ऊंटों की खासियत ?Image Credit : Canva03 / 06

क्या होती है इन ऊंटों की खासियत ?

​अब आपको बताते हैं कि इन ऊंटों की खासियत क्या होती है? दरअसल, लद्दाख के ये ऊंट 40 डिग्री तक का तापमान सह सकते हैं, जहां पर इंजन फेल हो जाए वहां ये ऊंट बड़े आराम से चलते रहते हैं। ये बर्फीले, पथरीले और संकरे रास्तों पर भी आराम से चलते हैं। ​

कमाल की होती है सहनशक्तिImage Credit : Canva04 / 06

कमाल की होती है सहनशक्ति

​जिन ऊंचाई वाले इलाकों में इंसान थक जाते हैं, वहां ये ऊंट लंबे समय तक काम करते रहते हैं। कम ऑक्सीजन में भी इनकी कमाल की सहनशक्ति होती है। ​

ये होती है खासियतImage Credit : Canva05 / 06

ये होती है खासियत

लद्दाख को कोल्ड डेजर्ट कहा जाता है। ऐसे में इन डबल हंप वाले ऊंटों की मोटी फर, मजबूत टांगे, शरीर में फैट स्टोर करने की अच्छी खासी क्षमता होती है।

सेना के बेहद काम के ये ऊंटImage Credit : Canva06 / 06

सेना के बेहद काम के ये ऊंट

सेना के लिए ऐसे ऊंट काफी काम में आते हैं। चाहे सामान इधर से उधर ले जाना हो या फिर आपात स्थिति में बैकअप के तौर पर इस्तेमाल करना हो, ये ऊंट सेना के बेहद काम आते हैं।

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