दुनिया में मौजूद 195 देशों में से एक देश ऐसा है, जिसने केवल अपने छोटे आकार और आबदी के कारण नहीं बल्कि अपनी सॉफ्ट पावर के लिए भी जाना जाता है। इस देश में इंसान के जन्म से उसकी नागरिकता निर्धारित नहीं होता है। दुनिया का ये देश भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित लाल किले से भी छोटा है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।
इसमें कई बड़े देश हैं तो वहीं कई आकार में छोटे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा देश क्षेत्रफ के अनुसार रूस है।
दुनिया का सबसे छोटा और स्वतंत्रत देश वेटिकन सिटी का क्षेत्रफल भारत के एक गांव से भी कम है। जी हां यह देश लगभग 0.44 वर्ग से 0.49 वर्ग किलोमीटर है (करीब 109-121 एकड़) में फैला हुआ है।
वेटिकन सिटी कैथेलिक ईसाइयों के धर्मगुरु पोप के निवास स्थान के रूप में प्रसिद्ध है।
यह दुनिया के इकलौता ऐसा देश है, जिसका कोई स्थान नहीं, बल्कि पूरा का पूरा देश ही यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की लिस्ट में शामिल है। यह होली सी (Holy See) की कैटेगरी में है।
वेटिकन सिटी, इटली की राजधानी रोम शहर के भीतर स्थित एक स्वतंत्रत देश है। यह एक ऐसा देश है, जो दूसरे देश से घिरा हुआ है।
वेटिकन सिटी की स्थापना 11 फरवरी 1929 में होली सी और इटली के बीच साइन की गई लैटरन संधि के माध्यम से हुई थी। इसी संधि के बाद यह एक संप्रुभ नगर-राज्य बना।
दुनिया के सबसे छोटे देश की आबदी लगभग 700 से 900 के बीच है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस देश में नागरिकता जन्म के नहीं बल्कि पद (जैसे पादरी, राजनयिक या स्विस गार्ड) के आधार पर मिलती है।