एशिया की सबसे गहरी झील के तौर पर बैकाल झील को जाना जाता है। बता दें कि यह दुनिया की सबसे पुरानी झीलों में से एक है।
एशिया की सबसे पुरानी झील बैकाल झील रूस के साइबेरिया में स्थित है। इसकी गहराई इतनी अधिक है कि इसमें आराम से 170 मंजिला इमारत समा सकती है।
भू-वैज्ञानिकों की मानें तो बैकाल झील करीब 2.5 करोड़ साल पुरानी है। यह समय के साथ धीरे-धीरे चौड़ी और गहरी होती जा रही है।
बैकाल झील की कुल गहराई 1642 मीटर है। वहीं इस झील की औसत गहराई करीब 744 मीटर है। इसकी इतनी गहराई इसे एशिया की सबसे गहरी झील बनाती है।
बैकाल झील की गहराई इतनी है कि इसमें 170 मंजिला से अधिक की इमारत आसानी से समा सकती है। जी हां, एक मंजिला आमतौर पर 11 फीट यानी 3.4 मीटर के आसपास की होती है। उसके अनुसार इसमें 170-180 मंजिला इमारत हुई। 744 मीटर की गहराई में आराम से 170 मंजिला इमारत समा सकती है।
साइबेरिया में स्थित बैकाल झील अपने चमकदार साफ और ताजे पानी के लिए जानी जाती है। बता दें कि इस झील में 22 फीसदी ताजे पानी का हिस्सा है।
बैकाल झील एक ऐसी झील है, जिसमें 80 प्रतिशत प्रजाति ऐसी पाई जाती है, जो दुनिया में कहीं और नहीं मिलती है। इस झील में बैकाल सील पाई जाती है।