दुनिया के किस देश ने किया था कागजी नोट का आविष्कार? जानें क्या है इसका इतिहास

डिजिटल क्रांति के इस दौर में चाय की दुकान से लेकर बड़े-बड़े शोरूम तक, हर जगह Scan and Pay के लिए QR कोड लगे मिलते हैं। डिजिटल के इस दौर में झट-पट पेमेंट हमारी जीवनशैली का ऐसा हिस्सा बन गई है, जेब में पैसे हैं या नहीं इससे फर्क ही नहीं पड़ता है। डिजिटल पेमेंट के इस दौर में सिक्कों की खनक और नोटों की अहमियत भले ही आम जनता के लिए कम होने लगी हैं, लेकिन हमारी अर्थव्यवस्था के लिए आज भी कागजी नोट रीढ़ की हड्डी बने हुए है। इस बीच आपने कभी सोचा की कैसे सिक्कों से हम कागजी नोट के दौर में पहुंचे थे। कागजी नोट की शुरुआत किस देश से हुई थी। आइए जानते हैं।

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated Apr 7 2026, 16:26 IST
कागजी नोट की शुरुआत कहां हुई थी?Image Credit : Canva01 / 07

कागजी नोट की शुरुआत कहां हुई थी?

​दुनिया में सिक्कों से कागज के नोटों का सफर सबसे पहले चीन ने तय किया था। जी हां, चीन ही वह देश है, जहां सबसे कागजी मुद्रा की शुरुआत हुई थी।​

चीन में कागजी मुद्रा यानी नोटों की शुरुआत किसने की थी?Image Credit : Canva02 / 07

चीन में कागजी मुद्रा यानी नोटों की शुरुआत किसने की थी?

​माना जाता है कि चीन के तांग राजवंश द्वारा 7वीं से 10वीं शताब्दी में तांबे के सिक्कों की बजाए प्रोमिसरी नोट्स का प्रयोग किया गया। जिसके बाद यह धीरे-धीरे अन्य देशों में भी शुरू हो गई।​

नोट्स को मिला फ्लाइंग मनी नाम?Image Credit : Canva03 / 07

नोट्स को मिला फ्लाइंग मनी नाम?

​कागजी नोट्स को फ्लाइंग मनी के नाम से इसलिए जाना गया था क्योंकि यह इतने हल्के होते थे कि उन्हें हवा में उड़ाया जा सकता था।​

आधिकारिक तौर पर नोट्स की शुरुआत कब हुई थी?Image Credit : Canva04 / 07

आधिकारिक तौर पर नोट्स की शुरुआत कब हुई थी?

​आधिकारिक तौर पर नोट्स की शुरुआत जियाओजू के रूप में 1024 यानी 11वीं शताब्दी में सोंग राजवंश के दौरान हुई थी।​

चीन में कागजी नोट कब हुए अनिवार्य?Image Credit : Canva05 / 07

चीन में कागजी नोट कब हुए अनिवार्य?

​भले ही चीन में कागजी मुद्रा की शुरुआत 7वीं से 10वीं शताब्दी के बीच हुई थी, लेकिन 13वीं शताब्दी में युआन राजवंश के समय में इसका प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया था।​

चीन से बाहर दूसरे देशों में कैसे शुरू हुए कागजी नोट?Image Credit : Canva06 / 07

चीन से बाहर दूसरे देशों में कैसे शुरू हुए कागजी नोट?

​13वीं शताब्दी में युआन राजवंश के दौरान इटालियन यात्री मार्को पोलो चीन की यात्रा के लिए आए थे। उन्होंने यहां इस्तेमाल हो रहे कागजी नोटों को देखा और वह हैरान रह गए। जब वह यहां से यूरोप वापस गए, तो उन्होंने इसकी जानकारी दी और इस प्रकार चीन से कागजी नोट बाहर निकला।​

भारत में नोट कब शुरू हुए?Image Credit : Canva07 / 07

भारत में नोट कब शुरू हुए?

​भारत में कागजी नोट की शुरुआत 18वीं शताब्दी के अंत में हुई थी। सबसे पहले कागजी नोट बैंक ऑफ हिंदुस्तान द्वारा जारी किए गए थे। उसके बाद 1861 में पेपर करेंसी एक्ट बनाया गया, जिससे ब्रिटिश सरकार के पास नोट छापने का अधिकार पहुंचा।​

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