सबसे पहले बता दें, आज लगभग इंजीनियरिंग में 40 से ज्यादा ब्रांच हैं, वो बात अलग है कि हार्ड कोर ब्रांच कुछेक ही है। ऐसे में सही ब्रांच का चुनाव आपको सफल करियर और जीवन दे सकता है। हार्ड कोर ब्रांच के उदाहरण की बात करें तो civil, electrical, mechanical, computer science इत्यादि सब हार्ड कोर शाखाएं हैं।
पिछले कुछ समय में देखें तो पाएंगे कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में सबसे पहले कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की सीट्स फुल हो जाती है। यही नहीं, बीटेक कॉलेजों में सबसे ज्यादा सीट इसी ब्रांच के लिए रिजर्व की जाती है। अगर कोई छात्र कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में नहीं जा पाता तब वो दूसरे ब्रांच का चुनाव करता है।
आजकल के सिनेरियो के अनुसार, लोग सबसे ज्यादा कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में एडमिशन लेना चाहते हैं, जब उन्हें सीट्स नहीं मिलती तब वे दूसरा ब्रांच चुनते हैं।
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की सबसे ज्यादा डिमांड के चलते सबसे ज्यादा कटऑफ भी इसी ब्रांच का जाता है। ऐसे में अगर आप इस कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग लेने की सोच रहे हैं, तो एंट्रेंस टेस्ट में टॉप लेवल का प्रदर्शन करना होगा।
आपको लग रहा होगा कि लोग क्यों कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की ओर भाग रहे हैं, तो डाटा बताते हैं कि कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान सबसे ज्यादा कंप्यूटर साइंस इंजीनियर को मौका दिया जाता है।
एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर की शुरुआत 5 से 7 लाख से हो सकती है, मिड लेवल पर 10 से 15और सीनियर लेवल पर 20 से 30 लाख रुपये सलाना कमाया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे, एक डेडीकेटड छात्र हर ब्रांच व क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकता है।