MBA और PGDM में क्या अंतर होता है, जानें किसमें मिलता है सबसे ज्यादा Placement

What Is The Difference between MBA And PGDM: जब भी मैनेजमेंट की पढ़ाई की बात आती है तो एमबीए औऱ पीजीडीएम कोर्स का नाम आता है। यह दोनों कोर्स मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए बेस्ट माने जाते हैं। हालांकि अक्सर छात्र दोनों कोर्सेस को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि MBA और PGDM में क्या अंतर होता है। अगर आप भी नहीं जानते हैं कि दोनों के बीच क्या अंतर होता है तो यहां जान लीजिए।

Authored by: आदित्य सिंहUpdated Sep 1 2025, 14:04 IST
एमबीए और पीजीडीएमImage Credit : Istock01 / 05

एमबीए और पीजीडीएम

सबसे पहले आपको बता दें कि MBA यानी मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (Master Of Business Administration) एक मास्टर्स डिग्री है। जबकि PGDM यानी पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (Post Graduate Diploma In Management) एक डिप्लोमा कोर्स है।

MBA और PGDM में क्या अंतर होता हैImage Credit : Istock02 / 05

MBA और PGDM में क्या अंतर होता है

बता दें एमबीए का सिलेबस यूनिवर्सिटी की ओर से तय होता है। इसलिए इसमें जल्दी जल्दी बदलाव नहीं होते हैं। जबकि पीजीडीएम का सिलेबस संस्थान की ओर से तय किया जाता है। यही कारण है कि इसमें जल्दी बदलाव कर दिए जाते हैं।

सिलेबस में अंतरImage Credit : Istock03 / 05

सिलेबस में अंतर

PGDM का सिलेबस संस्थान खुद तय करते हैं। इसलिए यह मार्केट की जरूरत और इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से ज्यादा अपडेटेड होता है।

इतने साल कोर्स की अवधिImage Credit : Istock04 / 05

इतने साल कोर्स की अवधि

दोनों ही कोर्स 2 साल के होते हैं। हालांकि PGDM में कुछ संस्थान 1 साल के एक्सीक्यूटिव प्रोग्राम भी ऑफर करते हैं।

कौन सा कोर्स बेस्टImage Credit : Istock05 / 05

कौन सा कोर्स बेस्ट

वहीं जॉब के लिहाज से देखा जाए तो इंडस्ट्री में दोनों को समान वैल्यू दी जाती है। हालांकि एकेडमिक तौर पर देखा जाए तो एमबीए की अधिक वैल्यू होती है। यदि कोई छात्र आगे पीएचडी या सरकारी नौकरी की तैयारी करना चाहता है तो उसके लिए एमबीए ज्यादा बेस्ट रहेगा।

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