सबसे पहले आपको बता दें कि MBA यानी मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (Master Of Business Administration) एक मास्टर्स डिग्री है। जबकि PGDM यानी पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (Post Graduate Diploma In Management) एक डिप्लोमा कोर्स है।
बता दें एमबीए का सिलेबस यूनिवर्सिटी की ओर से तय होता है। इसलिए इसमें जल्दी जल्दी बदलाव नहीं होते हैं। जबकि पीजीडीएम का सिलेबस संस्थान की ओर से तय किया जाता है। यही कारण है कि इसमें जल्दी बदलाव कर दिए जाते हैं।
PGDM का सिलेबस संस्थान खुद तय करते हैं। इसलिए यह मार्केट की जरूरत और इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से ज्यादा अपडेटेड होता है।
दोनों ही कोर्स 2 साल के होते हैं। हालांकि PGDM में कुछ संस्थान 1 साल के एक्सीक्यूटिव प्रोग्राम भी ऑफर करते हैं।
वहीं जॉब के लिहाज से देखा जाए तो इंडस्ट्री में दोनों को समान वैल्यू दी जाती है। हालांकि एकेडमिक तौर पर देखा जाए तो एमबीए की अधिक वैल्यू होती है। यदि कोई छात्र आगे पीएचडी या सरकारी नौकरी की तैयारी करना चाहता है तो उसके लिए एमबीए ज्यादा बेस्ट रहेगा।