यदि आप भी डिजिटल मार्केटिंग और ई कॉमर्स कोर्स के बीच अंतर को लेकर कंफ्यूज हैं तो आपके लिए काम की खबर है। यहां आप दोनों कोर्सेस के बीच अंतर और बेस्ट करियर ऑप्शन जान सकते हैं।
बता दें डिजिटल मार्केटिंग का मुख्य उद्देश्य किसी कंपनी, प्रोडक्ट या सर्विस को इंटरनेट के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचाना और संभावित ग्राहकों को आकर्षित करना होता है।
इस कोर्स में SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग, ऑनलाइन विज्ञापन, गूगल ऐड्स, एनालिटिक्स और ब्रांड प्रमोशन जैसी चीजें सिखाई जाती हैं।
वहीं ई-कॉमर्स का फोकस इंटरनेट के जरिए सामान या सेवाओं की खरीद-बिक्री और ऑनलाइन स्टोर को संचालित करने पर होता है।
इसमें ऑनलाइन स्टोर बनाना, प्रोडक्ट लिस्टिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, ऑर्डर प्रोसेसिंग, पेमेंट सिस्टम, लॉजिस्टिक्स, कस्टमर सर्विस और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट जैसी जानकारी दी जा सकती है।
डिजिटल मार्केटिंग लोगों को प्रोडक्ट या सर्विस तक लाने का काम करती है, जबकि ई-कॉमर्स उस प्रोडक्ट या सर्विस की ऑनलाइन बिक्री और उससे जुड़ी प्रक्रिया पर ध्यान देता है।
बता दें दोनों ही कोर्स अपने फील्ड में बेस्ट हैं। लेकिन यदि आप सोशल मीडिया, विज्ञापन, कंटेंट और ब्रांड प्रमोशन में आपकी दिलचस्पी है तो डिजिटल मार्केटिंग आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं ऑनलाइन स्टोर, प्रोडक्ट मैनेजमेंट और ऑनलाइन बिक्री में रुचि है तो ई कॉमर्स का ऑप्शन आप चुन सकते हैं।