बार-बार क्यों लौट आती है चेहरे की झाइयां, ये 5 अनजानी गलतियां होती हैं जिम्मेदार

चेहरे पर जिद्दी दाग-धब्बे और झाइयां एक ऐसी समस्या है, जिससे अधिकांश महिलाएं परेशान रहती हैं। कई बार महंगे से महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स, क्रीम और ट्रीटमेंट्स का इस्तेमाल करने के बाद भी चेहरे का कालापन पूरी तरह खत्म नहीं होता। अगर कुछ समय के लिए यह कम भी हो जाए, तो अचानक दोबारा उभर आता है।

Authored by: Suneet SinghUpdated Oct 3 2026, 14:12 IST
​क्यों निकलती हैं झाइयां​01 / 07

​क्यों निकलती हैं झाइयां​

हमारी त्वचा में मेलानिन नाम का एक पिगमेंट होता है, जो रंग तय करता है। जब किसी खास हिस्से में मेलानिन का उत्पादन जरूरत से ज्यादा होने लगता है, तो वहां त्वचा का रंग गहरा होने लगता है। इसे ही हाइपरपिगमेंटेशन या झाइयां कहते हैं।

​धूप और UV Rays​Image Credit : IStock02 / 07

​धूप और UV Rays​

पिगमेंटेशन को ट्रिगर करने वाली सबसे बड़ी वजह सूरज की हानिकारक अल्ट्रा वॉयलेट किरणें हैं। जब त्वचा पर धूप पड़ती है, तो त्वचा खुद को बचाने के लिए ज्यादा मेलानिन बनाने लगती है। अगर आप घर से बाहर निकलते समय सही मात्रा में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन नहीं लगाते हैं, तो झाइयां बहुत तेजी से वापस लौट आती हैं।

​हार्मोनल उतार-चढ़ाव और जिद्दी झाइयां​Image Credit : IStock03 / 07

​हार्मोनल उतार-चढ़ाव और जिद्दी झाइयां​

महिलाओं में पिगमेंटेशन का एक मुख्य कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी हैं। प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज या पीसीओएस जैसी स्थितियों में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में बदलाव आता है। इसे मेलैस्मा कहा जाता है। यह चेहरे के गालों, माथे और नाक पर गहरे धब्बों के रूप में दिखता है।

​गलत स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल​Image Credit : IStock04 / 07

​गलत स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल​

हार्श केमिकल्स या अत्यधिक स्क्रबिंग वाले प्रोडक्ट्स त्वचा की प्राकृतिक रंगत को नुकसान पहुंचाते हैं। बहुत अधिक स्किनकेयर प्रोडक्ट्स बदलने या एसिड आधारित क्रीम्स के गलत इस्तेमाल से त्वचा में सूजन आ जाती है, जिससे पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन बढ़ जाता है।

​मोबाइल की ब्लू लाइट​Image Credit : IStock05 / 07

​मोबाइल की ब्लू लाइट​

स्मार्टफोन की स्क्रीन्स से निकलने वाली ब्लू लाइट भी त्वचा को नुकसान पहुंचा रही है। प्रदूषण त्वचा में फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं, जिससे स्किन डैमेज होती है और दाग-धब्बे गहरे होने लगते हैं।

​न्यूट्रिशन की कमी​Image Credit : IStock06 / 07

​न्यूट्रिशन की कमी​

शरीर में विटामिन B12, विटामिन C और आयरन की कमी से भी त्वचा पर पिगमेंटेशन बढ़ सकती है। इसके अलावा अत्यधिक तनाव और अपर्याप्त नींद भी स्किन के रिपेयर साइकल को प्रभावित करती है।

​गांठ बांध लें ये बात​Image Credit : IStock07 / 07

​गांठ बांध लें ये बात​

पिगमेंटेशन से हमेशा के लिए राहत पाने के लिए अपनी आदतों में सुधार करें। डेली सनस्क्रीन लगाना, चेहरे को बहुत ज्यादा रगड़ने से बचना और पौष्टिक खानपान जिद्दी झाइयों को बार-बार लौटने से रोकने का सबसे असरदार तरीका है।

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