ब्लू-कॉलर जॉब मुख्य तौर पर वह नौकरियां होती है, जिसमें शारीरिक श्रम अधिक होता है। इसमें हम दिहाड़ी मजदूरों को काउंट कर सकते हैं। आसान भाषा में बात करें तो ब्लू कॉलर वर्कर्स को लेबर भी कहा जाता है।
अधिकांश ब्लू कॉलर वर्कर्स की यूनिफॉर्म ब्लू यानी नीली रंग की शर्ट या यूनिफॉर्म होती है। लेकिन कई ऐसी कंपनियां भी हैं, जहां ब्लू कॉलर जॉब में आने वाले वर्कर्स की यूनिफॉर्म का रंग अलग होता है। लेकिन श्रेणी वही रहती है।
बता दें कि व्हाइट कॉलर जॉब कैटगरी में वह लोग आते हैं, जिनका काम मानसिक अधिक होता है शारीरिक नहीं। जबकि ब्लू कॉलर जॉब में मानसिक कम और शारीरिक काम अधिक होता है।
बता दें कि ब्लू कॉलर जॉब में टेक्निकल नॉलेज सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें मशीन ऑपरेटर, वेल्डर, दिहाड़ी मजदूर, बढ़ई, मिस्त्री, प्लंबर, ड्राइवर, डिलीवरी पर्सन, सफाई कर्मचारी, मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन आदि शामिल है। बता दें कि इसमें वह सभी नौकरियां शामिल है, जो फैक्ट्रियों, कंस्ट्रक्शन साइट्स, फैक्ट्रियां, सर्विस सेंटर आदि स्थानों पर होती है।
10वीं, 12वीं और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से शिक्षा प्राप्त करने वाले उम्मीदवार ब्लू कॉलर जॉब कर सकते हैं।
ब्लू कॉलर जॉब में सरकारी नौकरियां भी शामिल है और प्राइवेट नौकरियां भी। ब्लू कॉलर नौकरी करने वाला एक व्यक्ति दोनों सेक्टर के लिए अप्लाई कर सकता है।