लॉ के क्षेत्र में सबसे अधिक कमाई वाली ब्रांच की बात करें तो सबसे पहले कॉरपोरेट लॉ का नाम आता है। इसमें कंपनियों के विलय दिवालियापन (Bankruptcy) और दिग्गज व्यावसायिक सौदों के कानूनी मामलों को संभाला जाता है। शीर्ष लॉ फर्मों में अनुभव के साथ आय 60 लाख से 2 करोड़ प्रति वर्ष तक मिल सकती है। शुरुआती सैलरी की भी बात करें तो यहां सैलरी आराम से 10 से 15 लाख के बीच होती है।
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ करने के बाद आप पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और ट्रेड सीक्रेट की चोरी से बचाने या उल्लंघन से जुड़े मुकदमे देखने होते हैं। इस कोर्स को करने के बाद फ्रेशर आमतौर पर 10 लाख से 15 लाख रुपये प्रति वर्ष कमाते हैं, जो स्पेशलाइजेशन और अनुभव के साथ कई गुना बढ़ जाती है।
बड़े कॉरपोरेट्स और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स के लिए कर यानी Tax संबंधी विवादों और अंतरराष्ट्रीय कराधान कानूनों का समाधान करना सिखाया जाता है। कोर्स को पूरा करने के बाद इस क्षेत्र में अनुभवी वकीलों की सालाना आय करोड़ों में होती है। लेकिन शुरुआती सैलरी 10 से लाख शुरु हो जाती है।
साइबर लॉ और डेटा प्राइवेसी में डेटा सुरक्षा, हैकिंग, डिजिटल फ्रॉड और आईटी एक्ट (IT Act) से जुड़े कानूनी मामलों और उन्हें सुलझाने के तरीकों के बारे में पढ़ाया जाता है। तकनीकी प्रगति के कारण इसकी मांग बहुत अधिक है और शुरुआती पैकेज 6 लाख से 20 लाख रुपये के बीच होता है।
बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और निवेश फर्मों को कानूनी सलाह देना और बड़े कर्जों के सेटलमेंट को कैसे संभालना और निपटाना है आदि के बारे में पढ़ाया जाता है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़े लीगल एसोसिएट्स और कंसलटेंट के तौर पर 20 लाख से 40+ लाख रुपये कमा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय संधियों, सीमा-पार व्यापार और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच विवादों का निपटारा आदि की नॉलेज दी जाती है। ग्लोबल फर्मों में काम करने वाले वकीलों का पैकेज काफी आकर्षक होता है। यहां 7 फीगर सैलरी मिलती है। 10 से 35 लाख रुपये तक कमा सकते हैं।
जिला न्यायाधीश, मजिस्ट्रेट या सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) जैसे ONGC, GAIL और RBI में कानूनी अधिकारी के रूप में कार्य कर सकते हैं। सैलरी की बात करें तो यहां 12 से 30 लाख रुपये सैलरी कमा सकते हैं।