इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 5 परंपरागत कोर्स हैं, जिसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस एंड इजीनियरिंग। बदलते समय के अनुसार, इसमें कई कोर्स जुड़ गए हैं।
भले ही इंजीनियरिंग में कई नए कोर्स बदलती जनरेशन और डिमांड के साथ जुड रहे हैं। लेकिन आज भी इंजीनियरिंग का एक परंपरागत कोर्स कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग आज भी सबसे अधिक सैलरी देना वाला कोर्स मजबूती से बना हुआ है। इसकी शुरुआती सैलरी 10 से 15 लाख रुपये होती है।
नई जनरेशन के साथ AI एंड मशीन लर्निंग की डिमांड अधिक हो गई है। देश-विदेश की अधिकांश कंपनियां आज एआई और मशीन लर्निंग की शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को हाई सैलरी पैकेज देकर हायर कर रही है। इस कोर्स को करने के बाद छात्रों की शुरुआती सैलरी 12 से 18 लाख रुपये होती है। कई संस्थान 20 लाख का सालाना पैकेज भी ऑफर करते हैं।
डेटा साइंस एंड इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसकी ग्रोथ को देखते हुए यह करियर के लिए इस समय बेस्ट माना जा रहा है कि क्योंकि इसकी डिमांड भी हाई है। इसमें डेटा तकनीक, विजुअलाइजेशन, मशीन लर्निंग आदि का ज्ञान दिया जाता है। शुरुआती सैलरी की बात करें तो वह 10 से 15 लाख रुपये सालाना होती है।
बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक और कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग हाई इनकम ब्रांच में से एक है। देश और विदेश की कई बड़ी कंपनियां इस ब्रांच में बीटेक करने वाले छात्रों की तलाश में रहती है। ऐसे में प्लेसमेंट में ही छात्रों को अच्छी-खासी सैलरी पैकेज मिल जाता है। इस कोर्स के बाद शुरुआती सैलरी 8 से 12 लाख रुपये के बीच होती है।
आईटी सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है। बढ़ती डिमांड और हाई इनकम कोर्स के तौर पर जाना जाता है। बता दें कि यह कोर्स कंप्यूटर साइंस से जुड़ा हुआ है। छात्रों को कंप्यूटर सिस्टम के एप्लीकेशन और मैनेजमेंट की नोलेज दी जाती है। डेटाबेस, नेटवर्किंग, इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी आदि शामिल है। इसमें शुरुआती सैलरी 8 से 20 लाख रुपये सालाना है।
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग छात्रों को मेडिकल और बायोलॉजिकल साइंस से जोड़ते हैं। यह उन छात्रों के लिए विन-विन स्थिति है या यू करें कोर्स है, जो मेडमिकल और इंजीनियरिंग दोनों में रूची रखते हैं। सिलेबस में Human Anatomy, मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स, बायोमैटेरियल, जेनेटिक इंजीनियरिंग और बायोइनफॉर्मेटिक्स शामिल हैं। उनकी शुरुआती सैलरी 6-10 लाख रुपये तक होती है, लेकिन अनुभव के आधार पर सैलरी में तेजी से वृद्धि होती है और 20 लाख रुपये सालाना से ज्यादा कमा सकते हैं।
बीते कुछ सालों से रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें रोबोट और इंटेलिजेंट कंट्रोल सिस्टम के डिजाइन, विकास और एप्लीकेशन पर फोकस होता है। बता दें कि इस ब्रांच के ग्रेजुएट्स के लिए प्रमुख रिक्रूटर्स ABB, बोस्टन डायनेमिक, सीमेंस, टेस्ला और GE शामिल हैं। इस कोर्स के बात आसानी से सालाना 10-18 लाख तक कमा हैं।