जैसे-जैसे दुनिया में एआई बोलबाला बढ़ रहा तो ऐसे में इस टेक्नोलॉजी को बनाने और इसमें समय और आवश्यकतका के साथ सुधार करने वाले प्रोफेशन की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में 12वीं के बाद बीटेक इन एआई एंड मशीन लर्निंग एक बेहतरीन कोर्स है। इस कोर्स के करने के बाद न केवल फ्यूचर में आपकी नौकरी सुरक्षित रहेगी, बल्कि आपका सैलरी पैकेज भी लाखों का होगा। 12वीं के बाद पीसीएम की शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। इस फील्ड में आपकी सैलरी 5 से 12 लाख रुपये तक जा सकती है।
अगर एआई रिवैलूशन में ऐसा कोर्स करना, जिससे भविष्य सुरक्षित हो सके तो कक्षा 12वीं के बाद बच्चे बीटेक या बीएससी इन डेटा साइंस कर सकते हैं। इस कोर्स में आपका डेटा के बारे में विस्तृत नॉलेज दी जाता है। इस कोर्स को करने के बाद आप डेटा साइंटिस्ट के तौर पर काम कर सकते हैं, जिसमें वह उलझे हुए डेटा को सुलझाकर बिजनेस के लिए काम की जानकारी निकालना का काम करते हैं। बता दें कि 12वीं के बाद आप डेटा साइंस में बीएससी और बीटेक कोर्स के अलावा डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं।
डिजिटल के इस दौर में जिस प्रकार एक व्यक्ति ऑनलाइन एप आदि का प्रयोग कर रहे हैं ऐसे में डेटा ली, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अटैक जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में डिमांड बढ़ती है साइबर सिक्योरिटी की। अगर आप 12वीं के बाद साइबर सिक्योरिटी में शिक्षा प्राप्त करते हैं तो न केवल आपकी जॉब एआई सुरक्षित होगी बल्कि आपका सालाना सैरली पैकेज भी लाखों में होगा।
एआई के इस दौर में नए-नए डिजिटल प्रोडक्ट्स जैसे ऐप्स, सॉफ्टवेयर और एआई टूल्स तेजी से लॉन्च हो रहे हैं। इन प्रोडक्ट्स को बनाने वाली टेक्निकल टीम और मार्केट के बीच तालमेल बिठाने का काम करते हैं 'प्रोडक्ट मैनेजर्स', जिनकी जरूरत हर कंपनी को आज के समय में है। ऐसे में 12वीं के बाद बीबीए (BBA) या आगे जाकर एमबीए (MBA) इन प्रोडक्ट मैनेजमेंट कोर्स करके आप इस क्षेत्र में अपना शानदार करियर बना सकते हैं और लाखों का पैकेज पा सकते हैं।
आज कंपनियों को अपना डेटा रखने के लिए बड़े-बड़े सर्वर्स की जरूरत नहीं होती, क्योंकि सब कुछ 'क्लाउड' जैसे Google Cloud, AWS पर स्टोर होता है। एआई टूल्स को चलाने के लिए भी मजबूत क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। ऐसे में अगर आप12वीं के बाद क्लाउड कंप्यूटिंग या डेवऑप्स (DevOps) में स्पेशलाइजेशन करते हैं तो आपका भविष्य बेहद सुरक्षित है, क्योंकि आने वाले एआई से आपकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं होगा। और आने वाले समय में छोटा-बड़ा हर बिजनेस पूरी तरह से क्लाउड पर शिफ्ट हो जाएगा।
एआई के दौर में पारंपरिक कोर्सेज की तुलना में समय के साथ बने इन नए मॉडर्न कोर्सेज की मांग बढ़ने लगी है। इसका मुख्य कारण यह है कि ये सीधे तौर पर प्रैक्टिकल नॉलेज और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं। कंपनियां अब थ्योरी रटने वालेयुवाओं के अलावा उन्हें गहायर करना चाहती है, जिनकी प्रैक्टिकल नॉलेज बेहतरीन हो। एआई आने से इन सेक्टर्स की नौकरियां पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बस काम करने का तरीका थोड़ा और बेहतर होगा।