कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर भी निशाना साधा। हरिप्रसाद ने कहा कि ABVP को उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
हरिप्रसाद मंगलवार को बेंगलुरु में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उनसे नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) परिसर में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का ABVP द्वारा विरोध किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया था।
इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उमर खालिद एक राष्ट्रवादी है। इसके साथ ही उन्होंने ABVP पर नाथूराम गोडसे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेता ने कहा, 'ABVP नाथूराम गोडसे को मानती है,जो देश-विरोधी और आतंकवादी था,देश का पहला आतंकवादी। उन्हें खालिद के बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार या नैतिक आधार नहीं है।'
ABVP ने कांग्रेस नेता पर किया पलटवार
हरिप्रसाद के बयान पर ABVP ने पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस नेता की “बौद्धिक दिवालियापन” बताया। परिषद ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन और महिमामंडन से जुड़े आरोप लगते रहे हैं, उसे राष्ट्रवादी कैसे बताया जा सकता है।ABVP ने पूछा कि अगर हरिप्रसाद की नजर में उमर खालिद राष्ट्रवादी हैं,तो क्या कांग्रेस उन लोगों का समर्थन करती है जिन्होंने अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए थे। क्या कांग्रेस जेएनयू में लगाए गए “भारत तेरे टुकड़े होंगे” जैसे कथित नारों और 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में आरोपित लोगों के समर्थन में खड़ी है।
दिल्ली दंगों के मामले में UAPA के तहत हुई थी गिरफ्तारी
उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियों ने उन्हें फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों की कथित साजिश से जुड़े आरोपों में आरोपी बनाया है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
