राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में 7वीं रैंक लाने वाली जी माधुरी रेड्डी के लिए डॉक्टर बनना बचपन का सपना था। उन्होंने 7वीं क्लास से ही डॉक्टरी की तैयारी शुरू कर दी थी। माधापुर निवासी रेड्डी ने कहा था, "डॉक्टर बनना मेरा बचपन का सपना था और मुझे खुशी है कि मैं इसे अपने पहले प्रयास में ही साकार कर सकी।"
रेड्डी ने प्रवेश परीक्षा में 99.999 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और 720 में से 695 अंक लाकर टॉपर बनी थीं, रेड्डी लड़कियों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर रहीं। NEET Result Topper MAdhuri Redyy का मानना है, लक्ष्य जल्द से जल्द और स्कूलिंग के दौरान ही तय कर लेना चाहिए, ऐसा न होने पर आप भटक सकते हैं, और समय बहुत कीमती है, इसलिए लक्ष्य बनाएं और उसे पाने के लिए जीतोड़ कोशिश करें, क्योंकि लक्ष्य बनाने का मतलब है कि अब उसे हर हाल में पाना है।
NEET Topper Madhuri Redyy ही दिन 10-12 घंटे कड़ी मेहनत करती थीं। उन्होंने माधापुर के नारायण स्कूल से रेड्डी ने 12वीं पास की थी। बता दें, रेड्डी केवल किताबों की दीवानी थी, वे खाली समय में बैडमिंटन खेलती थीं, इसके अलावा वह टेलीविजन पर फिल्में और क्रिकेट मैच भी देखती थी। उनका मानना है खुद को रिफ्रेश करते रहने की जरूरत होती है, ऐसे में आपको जो मन करता है, जो अच्छा लगता है, उसके लिए भी समय निकालना चाहिए।
बता दें, 2019 में NEET परीक्षा का पास प्रतिशत 56.46% रहा था, जिसमें 5 मई को परीक्षा देने वाले 1,410,755 उम्मीदवारों में से केवल 797,042 ही परीक्षा पास कर पाए थे। तेलंगाना की माधुरी रेड्डी शीर्ष 10 की सूची में जगह बनाने वाली एकमात्र महिला उम्मीदवार हैं। यही कारण है कि हम आज केवल उन्हीं की सक्सेस स्टोरी की बात कर रहे हैं।
राजस्थान के नलिन खंडेलवाल ने 2019 की नीट परीक्षा में 720 में से 701 अंक प्राप्त करके मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था, उनके बाद नई दिल्ली के भाविक बंसल और उत्तर प्रदेश के अक्षत कौशिक 700 अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर आए थे। NEET Topper Madhuri Redyy ने NEET 2019 में 720 में से 695 अंक प्राप्त किए थे और कुल 7वें स्थान पर रहीं।