उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सौम्या अग्रवाल को प्रदेश का नया श्रमायुक्त नियुक्त किया है। सौम्या अग्रवाल 2008 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले वह प्रयागराज की मंडलायुक्त समेत कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
आईएएस सौम्या अग्रवाल का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में जिला प्रशासन, विकास कार्यों और मंडलीय प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। प्रयागराज की मंडलायुक्त के रूप में भी उन्होंने कई बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली थीं।
श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग के सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में से एक होते हैं। राज्य में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना, श्रम कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू कराना और उद्योगों व कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होती है।
श्रमायुक्त के नेतृत्व में प्रदेश भर के श्रम विभाग का प्रशासनिक कामकाज संचालित होता है। उनके अधीन अतिरिक्त श्रमायुक्त, उप श्रमायुक्त, सहायक श्रमायुक्त और श्रम प्रवर्तन अधिकारी जैसे कई अधिकारी काम करते हैं।
न्यूनतम वेतन अधिनियम, बोनस, मजदूरी भुगतान, कार्यस्थल पर सुरक्षा, काम के घंटे, महिला और बाल श्रमिकों से जुड़े नियमों की निगरानी भी श्रमायुक्त की जिम्मेदारी होती है। यदि किसी उद्योग में कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद होता है तो उसे सुलझाने में भी श्रम विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
सौम्या अग्रवाल का बचपन यूपी की राजधानी लखनऊ में बीता है। उन्होंने वहीं के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। उनके पिता ज्ञानचंद अग्रवाल रेलवे में सिविल इंजीनियर थे।
आईएएस सौम्या अग्रवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। 2004 में पुणे की एक निजी कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर नौकरी की और एक प्रोजेक्ट के लिए दो सालो तक लंदन में नौकरी की। लौटकर आकर एक साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने पहले ही प्रयास में 24वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास कर ली थी।