भाई IAS, बहन IPS, एक ही फैमिली के चार बच्चों ने UPSC क्रैक कर रचा इतिहास

Raksha bandhan 2025 Inspirational story of four IAS-IPS siblings: रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के असीम प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपनी भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहन को रक्षा का वचन देते हैं। इस बार 9 अगस्त को रक्षाबंंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर हम आपको 4 भाई बहनों की ऐसी प्रेरक कहानी से रूबरू करा रहे हैं जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर इतिहास रचा।

Authored by: कुलदीप राघवUpdated Aug 8 2025, 12:19 IST
रक्षा बंधन का पर्व Image Credit : Instagram/Pixabay01 / 07

रक्षा बंधन का पर्व

रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के असीम प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपनी भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहन को रक्षा का वचन देते हैं। Photo: Instagram

9 अगस्त को रक्षाबंधन Image Credit : Instagram/Pixabay02 / 07

9 अगस्त को रक्षाबंधन

इस बार 9 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर हम आपको 4 भाई बहनों की ऐसी प्रेरक कहानी से रूबरू करा रहे हैं जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर इतिहास रचा। Photo: Pixabay

प्रतापगढ़ का मिश्रा परिवारImage Credit : Instagram/Pixabay03 / 07

प्रतापगढ़ का मिश्रा परिवार

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में अनिल मिश्रा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दो कमरों के मकान में रहते थे। उनके दो बेटे और दो बेटिया हैं, जिनका नाम योगेश, माधवी, लोकेश और क्षमा है। Photo: Instagram

पिता का सपना Image Credit : Instagram/Pixabay04 / 07

पिता का सपना

अनिल मिश्रा चाहते थे कि उनके बच्चे सफलता की ऊंचाईयों तक पहुंचे इसलिए उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं रखी। वहीं, बच्चों ने भी अपने पिता के सपने को साकार किया। Photo: Instagram

चारों बच्चे बन गए अफसर Image Credit : Instagram/Pixabay05 / 07

चारों बच्चे बन गए अफसर

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन मिश्रा परिवार के चार भाई-बहनों ने यूपीएससी परीक्षा क्रैक करके आईएएस व आईपीएस अधिकारी का पद हासिल किया है। Photo: Instagram

ऐसे हुई शुरुआतImage Credit : Instagram/Pixabay06 / 07

ऐसे हुई शुरुआत

सबसे पहले योगेश मिश्रा ने साल 2013 में यूपीएससी परीक्षा पास की और आईएएस बने। इसके बाद बहन माधवी ने अगले साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी, जिसमें उनकी ऑल इंडिया रैंक 62वीं रही। Photo: Instagram

सफलता की कहानी Image Credit : Instagram/Pixabay07 / 07

सफलता की कहानी

माधवी के बाद उनके छोटे भाई लोकेश 2015 में 44वीं रैंक हासिल कर IAS बनें। इसके बाद क्षमा ने भी अपने भाई-बहन के सहयोग से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के चौथे अटेम्प्ट में कामयाबी हासिल की। इसी के साथ ही उनका IPS बनने का भी सपना आखिरकार पूरा हुआ। Photo: Instagram

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