ऑटो ड्राइवर पिता की बेटी ने किया कमाल, NDA पास कर सेना में लेफ्टिनेंट बनकर लौटी

आज के समय में बेटियां को भी बेटों के बराबर ही आंका जा रहा है। अब ऐसा कोई काम नहीं है, जिसमें बेटियां पीछे रह गई हो। आपने कुश्ती पर बनी फेमस फिल्म दंगल तो जरूर देखी होगी। मूवी का नाम सुनते ही आपके दिमाग में भी वो फेमस डायलॉग आया होगा 'मेरी छोरियां छोरों से कम है के'। इसे जिया जैसी एक और बेटी ने सच साबित कर दिखाया है। अपनी कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से जिया ने NDA परीक्षा पास की और सेना में अफसर बनकर घर लौटी और हजारों लड़कियों की प्रेरणा बनी। आइए आपको आज उनकी मोटिवेशनल स्टोरी के बारे में बतातें है जो आप में भी जोश भर देगी।

Authored by: TNN एजुकेशन डेस्क Updated Mar 10 2026, 17:18 IST
कौन है जिया, जिन्होंने क्रैक की NDA परीक्षाImage Credit : Social Media01 / 07

कौन है जिया, जिन्होंने क्रैक की NDA परीक्षा

​हरियाणा के रेवाड़ी, जिले के बावल क्षेत्र में रहने वाली जिया आज सेना में अफसर बन गई है। लेकिन इसके लिए केवल उन्होंने ही मेहनत नहीं की है, बल्कि उनके माता-पिता का भी संघर्ष रहा है। जिया के पिता एक ऑटो चलाते थे, जिसे 5 लोगों का परिवार चलता था। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने जिया, पारुल और हिमांशु की पढ़ाई में कोई कमी नहीं छोड़ी और उनकी एक बेटी ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।​

12वीं में लिया सेना में जाने का फैसलाImage Credit : Canva02 / 07

12वीं में लिया सेना में जाने का फैसला

​जिया ने बावल क्षेत्र में रहने वाली जिया ने गांव के सुलखा में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान ही जिया ने ठान लिया था कि वह यूपीएससी की नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी NDA परीक्षा की तैयारी करेंगी और सेना में जाएंगी।​

15 घंटे करती थी पढ़ाई Image Credit : Canva03 / 07

15 घंटे करती थी पढ़ाई

​सेना में अधिकारी बनने के अपने इस सपने को पूरा करने के लिए जिया ने 15-15 घंटे की पढ़ाई की है। वह सुबह-शाम एनडीए परीक्षा की तैयारी में लगी रहती। इतना ही नहीं उन्होंने परीक्षा के बारे में और इसकी तैयारी में सहायता के लिए कुछ समय के लिए गुरुग्राम में एनडीए की कोचिंग भी ली।​

बीमार होने पर भी नहीं मानी हारImage Credit : Canva04 / 07

बीमार होने पर भी नहीं मानी हार

​मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा की तैयारी के दौरान एक समय ऐसा भी आया, जिसमें जिया की तबियत बिगड़ गई। वह कुछ नहीं, बल्कि कई महीनों तक बीमार रही। लेकिन उन्होंने फिर भी हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी।​

पहला स्थान प्राप्त कर शुरू की ट्रेनिंगImage Credit : Canva05 / 07

पहला स्थान प्राप्त कर शुरू की ट्रेनिंग

​जिया ने यूपीएससी एनडीए एग्जाम 2024 में पूरे जिले में पहला स्थान प्राप्त किया, जिससे उनके परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। बेटी की कामयाबी देख परिवार के लोगों की आंखों में आंसू आ गए।​

लेफ्टिनेंट बनकर लौटी जियाImage Credit : Canva06 / 07

लेफ्टिनेंट बनकर लौटी जिया

​एनडीए परीक्षा पास करने और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जिया अपने गांव लेफ्टिनेंट बनकर लौटी। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे गांव में जश्न का माहौल था। उनके स्वागत के लिए गांव के स्कूल में एक समारोह का भी आयोजन किया गया था।​

परिवार को दिया सफलता का श्रेय Image Credit : Canva07 / 07

परिवार को दिया सफलता का श्रेय

​एक इंटरव्यू में जिया ने बात करते हुए अपनी सफलता और सेना में अधिकारी बनने का पूरा श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के सपोर्ट के बिना वह यहां कभी नहीं पहुंच पाती।​

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