चंद्रग्रहण की टाइमिंग इस बार साढ़े तीन घंटे तक रहेगी। मगर इससे भी लंबा चंद्रग्रहण एक बार लग चुका है। क्या आप जानते हैं कि सदी का पूर्ण चंद्रग्रहण कब लगा था?
सबसे पहले तो ये जान लेते हैं कि पूर्ण चंद्रग्रहण होता क्या है? दरअसल, जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया पर आ जाता है तो यही पूर्ण ग्रहण कहलाता है। आज पूर्ण चंद्रग्रहण ही होने जा रहा है।
आज का चंद्रग्रहण तीन घंटे से भी ज्यादा चलेगा। लेकिन इसे सबसे लंबा ग्रहण नहीं माना जा सकता। क्योंकि चंद्रग्रहण के कुल चरण और पूर्ण चरण अलग-अलग होते हैं। इसके पांच स्टेज होते हैं- पेनुम्ब्रा, आंशिक ग्रहण, पूर्ण ग्रहण, फिर से आंशिक और पेनुम्ब्रा। पूरा प्रोसेस ही 3-5 घंटे का चल सकता है। लेकिन जरूरी ये होता है कि चांद कितनी देर तक पूरी तरह से ढका रहा।
इतिहास का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण लगभग 1 घंटा 46 मिनट का रहा है। 21वीं सदी में सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण 27 जुलाई 2018 को लगा था, जो 1 घंटा 42 मिनट तक ला था।
भले ही पूर्ण ग्रहण की अवधि 3-4 घंटे की हो लेकिन ढका हुआ समय कभी भी 2 घंटे से ज्यादा का नहीं हो सकता। आज का चंद्रग्रहण साढ़े तीन घंटे का रहेगा लेकिन इसे सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण नहीं माना जा सकता है।
नई दिल्ली की बात करें तो यहां पर शाम के 6:26 से लेकर 6:46 तक चंद्रग्रहण चलेगा।