भारत के इतिहास में मुगल साम्राज्य का खास महत्व है। भारत में पहली बार मुगल 1526 में आए, और पहला मुगल शासक था बाबर। इसके बाद 1857 तक तख्त पर कोई न कोई मुगल शासक बैठा रहा, यानी सवा तीन सौ साल से ज्यादा समय तक मुगलों ने राज किया, फिर ऐसा क्या हुआ कि इनका राज शासन गद्दी तख्त सब चला गया? आइये जानें मुगलों का इतिहास
साल था 1526 जब कोई पहला मुगल भारत आया, तब किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि एक समय ये भारत के ज्यादातर हिस्से पर शासन करेंगे। समय के साथ इनकी ताकत और वर्चस्व बढ़ता गया, लाखों की संख्या में फौज तैयार हो गई, इन्हें टक्कर लेना लगभग नामुमकिन था।
जानकर हैरानी होगी एक समय था जब अंग्रेज भी मुगलों से लोहा नहीं ले पाए। भारत में जब अंग्रेज मजबूत हो चुके थे तो उन्होंने मुगलों पर आक्रमण किया, लेकिन वे बच्चो की तरह हार गए। अब आपके दिमाग में ये सवाल आ सकता है कि फिर अंग्रेजों का शासन कैसे शुरू हुआ?
ये तो आपको पता होगा कि अंग्रेजों को भारत की भूमि में बहुत दिलचस्पी थी, यहां सोना ही सोना था, तभी इस देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था। यहां की रईसी इतनी ज्यादा थी, कि विदेशी आक्रमणकारी ललचाती रहती थी और आक्रमण करती थी। परिणाम स्वरूप भारत भूमि को कई बार लहु लुहान होना पड़ा।
अंग्रेज भारत में व्यापार करने आए या यूं कहें कि व्यापार के बहाने आए, और अंदर ही अंदर अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाते गए, आधुनिक हथियार बढ़ाते गए। ये सब कुछ महीनों या दो चार या 10 सालों में नहीं हुआ, अंग्रेज 16वीं शताब्दी में भारत आए, यहां दशकों व्यापार किया और भारत की ताकत व कमियों को समझा, और उसी अनुसार भारत पर शाासन करने व मुगलों को हटाने की रणनीति बनाई।
1857 आया, जब ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने तत्कालीन मुगल राजा बहादुर शाह जफर द्वितीय को तख्त से हटाया और उन्हें बर्मा की एक जेल में डाल दिया। इधर उनके जो भी वारिश थे, उन्हें पकड़ा गया या उन्हें भागने पर मजबूर होना पड़ा।दूसरी तरफ बर्मा की जेल में बहादुर शाह जफर द्वितीय की मृत्यु हो गई, यही वो पल था, जब मुगल काल पूरी तरह खत्म हो गया, और अंग्रेजों का पूर्णतय: शासन शुरू हो गया। 1858 में, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सत्ता को महारानी विक्टोरिया के हाथों में सौंप दिया गया।
17वीं शताब्दी के अंत तक अंग्रेजों की सैन्य शक्ति और आधुनिक हथियारों की संख्या इतनी बढ़ चुकी थी, कि वे अब मुगल और भारत पर शासन के लिए तैयार थे।