भारत का पहला राज्य जहां इंटरनेट है 'अधिकार', इन लोगों को मिलती है मुफ्त इंटरनेट सेवा

आज के दौर में इंटरनेट केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन की एक बुनियादी आवश्यकता बन चुका है। पढ़ाई-लिखाई से लेकर सरकारी और निजी कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह डिजिटल नेटवर्क पर टिका है। गूगल मैप्स के जरिए रास्ता खोजने से लेकर रोजमर्रा की खरीदारी के लिए ऑनलाइन भुगतान तक, हर छोटी-बड़ी चीज़ के लिए इंटरनेट अनिवार्य हो गया है। इस डिजिटल क्रांति के बीच, भारत का एक राज्य ऐसा है जिसने इंटरनेट को नागरिकों का 'मौलिक अधिकार' माना है। आइए, इस राज्य और इसकी इस विशेष पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated May 7 2026, 10:09 IST
इंटरनेट बना जीवनशैली का अभिन्न अंगImage Credit : Canva01 / 07

इंटरनेट बना जीवनशैली का अभिन्न अंग

​आज के आधुनिक युग में इंटरनेट महज एक सुविधा न रहकर हमारे लाइफस्टाइल का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। शिक्षा और ज्ञान के अर्जन से लेकर, अनजान रास्तों पर नेविगेशन का सहारा लेने और छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए डिजिटल भुगतान करने तक, हम पूरी तरह इंटरनेट पर निर्भर हैं। हमारी पसंद-नापसंद, जैसे 'क्या खाना है' या 'कहां घूमना है', इन सबका फैसला भी अब इंटरनेट के माध्यम से ही होता है। आलम यह है कि इंटरनेट के बिना चंद घंटे बिताना भी अब लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।​

इंटरनेट नागरिकों का बुनियादी अधिकारImage Credit : Canva02 / 07

इंटरनेट नागरिकों का बुनियादी अधिकार

​इसी महत्व को समझते हुए, भारत के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के बीच एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने क्रांतिकारी कदम उठाया और इंटरनेट को अपने नागरिकों का 'मौलिक अधिकार' (Fundamental Right) घोषित किया। न सिर्फ अधिकार, बल्कि इस राज्य ने अपनी स्वयं की इंटरनेट सेवा भी शुरू की है।​

भारत के किस राज्य में इंटरनेट बना नागरिकों का अधिकारImage Credit : Canva03 / 07

भारत के किस राज्य में इंटरनेट बना नागरिकों का अधिकार

​भारत का सबसे साक्षर जिला केरल देश का पहला और इकलौता राज्य है, जहां इंटरनेट को नागरिकों का बुनियादी अधिकार घोषित किया है।​

क्या है KFON परियोजना?​Image Credit : Canva04 / 07

क्या है KFON परियोजना?​

​केरल सरकार ने केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क शॉर्ट में KFON परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के हर नागरिक तक इंटरनेट को पहुंचाना है।​

देता है मुफ्त इंटरनेट की सेवाImage Credit : Canva05 / 07

देता है मुफ्त इंटरनेट की सेवा

​राज्य सरकार द्वारा बीपीएल परिवार और सरकारी दफ्तरों, स्कूलों को मुफ्त या सस्ती दर पर हाई-स्पीड इंटरनेट दिया जाता है।​

केरल हाई कोर्ट ने इंटरनेट को मौलिक अधिकार घोषित किया​Image Credit : Canva06 / 07

केरल हाई कोर्ट ने इंटरनेट को मौलिक अधिकार घोषित किया​

​केरल उच्च न्यायालय ने 2019 में ऐतिहासिक फैसला दिया था, जिसमें राज्य के नागरिकों के लिए इंटरनेट के उपयोग के अधिकार को 'मौलिक अधिकार' घोषित किया गया था। कोर्ट ने कहा था कि इंटरनेट का अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत शिक्षा के अधिकार और निजता के अधिकार का अभिन्न अंग है।​

KFON के सहयोग से बना डिजिटल बैंकिंग राज्य​Image Credit : Canva07 / 07

KFON के सहयोग से बना डिजिटल बैंकिंग राज्य​

​बता दें कि केरल को देश का पहला पूर्ण डिजिटल बैंकिंग राज्य कहा जाता है। यह केरल की खुद की इंटरनेट सेवा KFON की वजह से मुमकिन हो पाया है।​

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