आपको जानकर हैरानी होगी की भारत में बहने वाली 'गंगा नदी' में डॉल्फिन पाई जाती है। दुनिया में पाए जाने वाले मीठे पानी की 90 प्रतिशत डॉल्फिन भारत में पाई जाती है।
बता दें कि गंगा के मीठे पानी में पाई जाने वाली डॉल्फिन को 2009 में भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है।
बता दें कि गंगा के अलावा ब्रह्मपुत्र नदी, यमुना नदी, चंबल नदी, घाघरा, कोसी, महानंदा और ब्यास नदी में भी डॉल्फिन पाई जाती है। कुछ तय स्थानों पर जाकर देख सकते हैं।
भारत में पाई जाने वाली डॉल्फिन को स्थानीय रूप से 'सुसू' के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि गंगा नदी में रहने वाली डॉल्फिन लगभग अंधी होती है यह इकोलोकेशन का उपयोग करती हैं।
देश के बिहार राज्य के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से कहलगांव तक गंगा नदी के 60 किलोमीटर क्षेत्र में स्थित भारत का एकमात्र गंगा डॉल्फिन अभयारण्य (Gangetic Dolphin Sanctuary) है। इसका स्थापना 1991 में की गई थी। यह लुप्तप्राय गंगा डॉल्फिन को संरक्षित करने में सहायता करता है।
बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड, मध्य प्रदेश, पंजाब में भी डॉल्फिन देखने को मिलती हैं। सर्वेक्षण के आंकड़ों की मानें तो भारत में कुल 6327 डॉल्फिन है, जिसमें 6324 गंगा डॉल्फिन हैं और 3 सिंधु डॉल्फिन हैं।
देश में सबसे अधिक डॉल्फिन उत्तर प्रदेश में है। यहां 2,397 डॉल्फिन पाई जाती है। वहीं बिहार में 2,220, पश्चिम बंगाल में 815, असम में 635, झारखंड में 162, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 95 और पंजाब में 3 डॉल्फिन।