UPSC में 2 बार फेल, मां की मौत से टूटा हौसला, फिर 26वीं रैंक लाकर रच दिया इतिहास

IAS Rupal Rana Motivational Story: संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा केवल दिमाग की परीक्षा नहीं बल्कि धैर्य और साहस का परिचय भी लेती है। सिविल सेवा परीक्षा में 26वीं रैंक लाने वाली रूपल राणा को बेहद कम उम्र में ही कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। रूपल ने बेहद कम्र में ही अपनी मां को खो दिया है। मां के निधन और यूपीएससी में 2 बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और IAS बनकर दम लिया।

Authored by: कुलदीप राघवUpdated Mar 15 2026, 09:50 IST
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सिविल सेवा परीक्षा

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा केवल दिमाग की परीक्षा नहीं बल्कि धैर्य और साहस का परिचय भी लेती है।

आईएएस रूपल राणा की कहानीImage Credit : Instagram02 / 07

आईएएस रूपल राणा की कहानी

सिविल सेवा परीक्षा में 26वीं रैंक लाने वाली रूपल राणा को बेहद कम उम्र में ही कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। रूपल ने बेहद कम्र में ही अपनी मां को खो दिया है।

नहीं हारी हिम्मत Image Credit : Instagram03 / 07

नहीं हारी हिम्मत

मां के निधन और यूपीएससी में 2 बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और IAS बनकर दम लिया। उन्हें अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल हुई। वो रैंक 26 लाकर आईएएस सर्विस के लिए सेलेक्ट हो गई हैं।

रूपल राणा की स्कूलिंग Image Credit : Instagram04 / 07

रूपल राणा की स्कूलिंग

रूपल ने बड़ौत के जेपी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है। उन्होंने हाईस्कूल में 10 सीजीपीए हासिल किया था। फिर उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी एंड साइंस से की है

डीयू की छात्रा Image Credit : Instagram05 / 07

डीयू की छात्रा

स्कूलिंग के बाद रूपल राणा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज से बीएससी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रूपल यूनिवर्सिटी टॉपर भी रह चुकी हैं।

पिता ASI Image Credit : Instagram06 / 07

पिता ASI

रूपल के पिता जसवीर राणा दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली हैं।

हिम्मत की कहानीImage Credit : Instagram07 / 07

हिम्मत की कहानी

रूपल राणा की कहानी भी हिम्मत और हौसले की मिसाल है। यूपीएससी की इस यात्रा में रूपल को उनके पिता और भाई-बहन ने काफी सपोर्ट किया।

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