हार न मानने की मिसाल हैं IAS Nisa Unnirajan, 7वें अटेम्ट में पास की UPSC, दो बच्चों की हैं मां

आज जानेंगे IAS Nisa Unnirajan के बारे में बताएंगे, जिन्होंने दो बेटियों की मां बनने के बाद अपने सातवें प्रयास में UPSC परीक्षा पास की। केरल की रहने वाली निसा उन्नीराजन ने 40 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास की। उन्होंने साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प हो तो किसी भी उम्र में अपने लक्ष्य को पाया जा सकता है। कई बाधाओं का सामना करने के बावजूद, निसा ने 2024 में अपने सातवें प्रयास में 1,000वीं रैंक हासिल की।

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated Jul 23 2025, 15:06 IST
35 की उम्र में शुरू की सिविल सेवा परीक्षाImage Credit : Canva01 / 07

35 की उम्र में शुरू की सिविल सेवा परीक्षा

Nisa Unnirajan ने 35 साल की उम्र में अपनी सिविल सेवा यात्रा शुरू की। शायद ये वो उम्र है जब लोग यूपीएससी पास करने के बाद अपने करियर में स्थिर हो जाते हैं। वहीं, Nisa Unnirajan ने इस उम्र से अपना करियर गढ़ा। उन्हों अपनी बेटियों, नंदना (11) और थानवी (7) और अपने पति अरुण के साथ-साथ अपने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी माता-पिता के सहयोग से अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को संतुलित किया।

6 बार हुई असफलImage Credit : Canva02 / 07

6 बार हुई असफल

IAS Nisa Unnirajan शुरू के 6 प्रयासों में यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर पाईं, उन्हें सुनने की समस्या भी है, हालांकि, उन्होंने इसे कभी अपने लक्ष्य के बीच नहीं आने दिया। 6—6 असफलताओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

हर असफलता से सीखा आगे बढ़ने का गुणImage Credit : Canva03 / 07

हर असफलता से सीखा आगे बढ़ने का गुण

उन्होंने हर असफलता से सीखा और अपनी रणनीति को लगातार निखारा। इसी दृढ़ निश्चय ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की। उन्होंने अपने सातवें प्रयास में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 1000 के साथ यूपीएससी परीक्षा पास की।

आईएएस निसा उन्नीराजन की प्रेरणाImage Credit : Canva04 / 07

आईएएस निसा उन्नीराजन की प्रेरणा

अपने जुनून से प्रेरित होकर, निसा ने तिरुवनंतपुरम के एक निजी कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा की तैयारी की। उन्होंने कोट्टायम के सब-कलेक्टर से प्रेरणा ली, जो स्वयं भी श्रवण बाधित हैं।

प्रेरक कहानियों से की मददImage Credit : Canva05 / 07

प्रेरक कहानियों से की मदद

निसा ने अपनी दिनचर्या को प्रेरक आत्मकथाओं, सफलता की कहानियों और प्रेरक वीडियो से भर दिया। इस अपरंपरागत दृष्टिकोण ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने और सफलता की ओर अग्रसर होने में मदद की।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने की निसा की प्रशंसा, कभी देर नहीं होतीImage Credit : Canva06 / 07

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने की निसा की प्रशंसा, कभी देर नहीं होती

कांग्रेस सांसद शशि थरूर उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने उन्नीराजन की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर उन्हें उनकी प्रेरक कहानी के लिए बधाई दी। सोशल मीडिया एक्स (पर उन्होंने लिखा, "तिरुवनंतपुरम की एक 40 वर्षीय विकलांग मां ने दो बच्चों की परवरिश करते हुए आईएएस की परीक्षा पास की। निसा उन्नीराजन को बधाई!" "कभी देर नहीं होती - एक प्रेरणादायक कहानी!"

कोई लक्ष्य आपके जिद्द से नहीं है बड़ाImage Credit : Canva07 / 07

कोई लक्ष्य आपके जिद्द से नहीं है बड़ा

उनकी उपलब्धि साबित करती है कि कभी देर नहीं होती और कोई भी सपना इतना बड़ा नहीं होता कि उसे पूरा न किया जा सके। दृढ़ निश्चय के साथ, कोई भी किसी भी उम्र में शुरुआत कर सकता है।

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