Aaj Kya Hai 25 July 2026 Ko: द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, आज 25 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। आज सुबह तक ही आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि रहेगी, जिसका आरंभ कल 24 जुलाई 2026 को हो गया था। आज जब एकादशी तिथि समाप्त होगी तो उसके बाद आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। हालांकि, एकादशी तिथि के साथ-साथ आज चातुर्मास का भी आरंभ हुआ है। आइए अब जानें आज के व्रत-त्योहार, महत्व और अन्य जरूरी बातों के बारे में।
आज 25 जुलाई 2026 को क्या है
25 जुलाई 2026 यानी आज देवशयनी एकादशी है। साथ ही चातुर्मास का आरंभ हो गया है, जिसका समापन 119 दिनों बाद 20 नवंबर 2026 को होगा। इसके अलावा आज वासुदेव द्वादशी भी है। साथ ही गौरी व्रत का आरंभ हो गया है। वहीं, जो लोग शनिवार के दिन हनुमान जी और शनि देव को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं उनका भी आज उपवास रहेगा।
आज 25 जुलाई को एकादशी तिथि कब से कब तक है
बता दें कि आज 25 जुलाई 2026 को एकादशी तिथि का आरंभ नहीं हुआ है। कल 24 जुलाई की सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि का आरंभ हुआ था। हालांकि, आज दिनभर एकादशी तिथि नहीं रहेगी। सुबह 11 बजकर 34 मिनट के आसपास आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आज समापन हो जाएगा।
आज की एकादशी का नाम क्या है
आज 25 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, जिसे देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। पौराणिक शास्त्रों में देवशयनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसके बाद सृष्टि का भार देवों के देव महादेव संभालते हैं। मान्यता है कि जो लोग सच्चे मन से देवशयनी एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में खुशियों का स्थायी वास होता है।
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आज देवशयनी एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त
आज सुबह 04:16 से सुबह 04:57 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त था, जिसके बाद अब अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। हालांकि, अभिजित मुहूर्त के समाप्त होने से पहले दोपहर में 2 बजकर 44 मिनट पर विजय मुहूर्त शुरू हो जाएगा, जो दोपहर में 03 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगा। इसके बाद सायाह्न संध्या का समय शाम 07 बजकर 17 मिनट से रात 08 बजकर 19 मिनट तक रहने वाला है। इसके अलावा अमृत काल रात 09 बजकर 41 मिनट पर आरंभ होगा, जो कि देर रात 11 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगा। वहीं, जो लोग निशिता मुहूर्त में पूजा करते हैं, वो मध्य रात्रि में 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट के बीच विष्णु जी की पूजा कर सकते हैं।
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