सिविल सर्विसेज एग्जाम क्रैक करना लाखों लोगों का सपना होता है मगर कुछ ही परीक्षा दे पाते हैं और इसमें गिने चुने छात्र ही परीक्षा में सफल भी होते हैं। मगर कहते हैं ना कुछ करने का जुनून अगर सर पर सवार हो तो फिर आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। डीएसपी बनने वाली हिना खान तमाम युवाओं के लिए मिसाल बन गई हैं। एक छोटे से कस्बे में जन्मी हिना की पढ़ाई किसी हाई फाई नहीं बल्कि सरकारी स्कूल में हुई थी। बावजूद इसके उन्होंने फिजियोथेरेपी की डिग्री भी ली और फिर इसके बाद MPPSC जैसी कठिन परीक्षा क्रैक की।
हिना का जन्म मध्य प्रदेश के आरोन कस्बे में हुआ था। आरोन एक छोटा सा टाउन है। हिना की फैमिली पढ़ी-लिखी थी। पिता सरकारी टीचर थे तो ऐसे में लड़कियों को घर पर किसी से कम नहीं समझा गया। एक इंटरव्यू में हिना ने बताया कि मेरे घर में कभी भी लड़का और लड़की में कोई फर्क नहीं समझा गया। घर में पढ़ाई लिखाई का माहौल था तो ऐसे में उनकी पढ़ाई भी अच्छी तरीके से हुई।
हिना ने सरकारी स्कूल से 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की। स्कूली शिक्षा के बाद उनका इंट्रस्ट बायोलॉजी में आया। इसके बाद 11वीं और 12वीं में उन्होंने बायोलॉजी विषय लिया। फिर हिना ने फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन किया। एक इंटरव्यू में हिना ने ये भी बताया था कि उन्हें लोगों के दर्द दूर करना अच्छा लगता था।
ऐसे में ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद हिना ने सिविल सर्विसेज की तैयारियां शुरू कर दी। साल 2012 का समय था, जब हिना का सिलेक्शन वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर हो गया। मगर सरकारी नौकरी होते हुए भी हिना को ये पसंद नहीं आई क्योंकि उन्हें डेस्क जॉब नहीं करनी थी। हिना लोगों के पास जार उनसे कनेक्ट होना चाहती थीं। ऐसे में कई बार उन्होंने एमपीपीएससी परीक्षा देने की कोशिश की मगर वे सफल नहीं हो सकीं।
हिना बेहद मेहनत करती थीं मगर फिर भी प्रीलिम्स ही क्लीयर कर पाती थीं। वे मेन्स और इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाती थीं। इसके बाद हिना का आत्मविश्वास भी टूटने लगा। वे दोस्तों से दूर रहने लगीं और मिलना-जुलना बंद कर दिया। मगर फिर उनके परिवार ने उन्हें खूब मोटिवेट किया। साथ ही सेल्फ मोटिवेशन की वजह से भी वे इन सब चीजों से जल्द ही बाहर आ गईं।
इसके बाद हिना दोबारा मेहनत करने में लग गईं और आखिरकार फिर साल 2016 में हिना ने MPPSC PCS परीक्षा पास कर ली और वे डीएसपी बन गईं। साल 2018 में हिना की जॉइनिंग हुई। हिना कहती हैं कि ये एग्जाम आपके धैर्य की परीक्षा लेता है। इसमें किसी तरह का शॉर्टकट नहीं है। तैयारी में कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी भी बेहद जरूरी है। हिना का कहना है कि पुलिस को लाठियां चलाने वाला समझा जाता है मगर ये लोगों की मदद करने का एक बड़ा जरिया है।
डीएसपी बनने के बाद हिना ने घाटीगांव में SDOP के तौर पर काम किया। फिलहाल वे ग्वालियर में यूनिवर्सिटी एरिया की CSP हैं। इन दिनों हिना खूब चर्चा में हैं। दरअसल, 14 अक्तूबर 2025 को ग्वालियर में जब डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति को लेकर विवादहुआ तो एक वकील अनिल मिश्रा ने अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इससे दलित संगठन गुस्से में आ गए। मगर फिर फूलबाग इलाके में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने समर्थकों संग टेंट लगाने की कोशिश की।
जब हिना ने साफ कहा कि ऑर्डर हैं कि आप लोग इकट्ठा ना हों। तो हिना पर सनातन विरोधी होने तक का इल्जाम लगा डाला। इसके बाद उन्होंने हिना से जय श्री राम के नारे लगवाए। मगर हिना खुद ही जय श्री राम के नारे लगाने लगीं। देखते ही देखते उनका वीडियो भी वायरल होने लगा। लोग अब हिना की हिम्मत को सलाम कर रहे हैं कि उन्होंने बिना कोई धमकी दिए और बिना पीछे हटे सब संभाल लिया।