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नेपाल में तबाही से लेकर विनाशकारी भूकंपों तक...'26 तारीख' कैसे बन गई इतिहास के लिए अभिशाप का दिन?

हाल ही में नेपाल में ग्लेशियर फटने से आई प्रलयंकारी बाढ़ ने एक बार फिर पूरी दुनिया को इस '26 तारीख' के खौफनाक और रहस्यमयी संयोग को याद दिला दिया है। आइए, इतिहास के पन्नों को पलटकर देखते हैं कि कैसे '26 तारीख' वक्त के साथ दुनिया के लिए एक अभिशाप बनती चली गई।

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Photo : AP
26 तारीख की ऐतिहासिक घटनाएं
Authored by: अमित कुमार मंडल
Updated Sep 3, 2026, 14:25 IST
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इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं, जो कैलेंडर का पन्ना बनते ही इंसान के जहन में खौफ भर देती हैं। ऐसी ही एक भयावह तारीख है—'26'। जब भी इतिहास के पन्नों पर 26 तारीख दर्ज हुई है, तब-तब दुनिया के किसी न किसी कोने में तबाही का ऐसा तांडव हुआ है, जिसने इंसानी बस्तियों को श्मशान में तब्दील कर दिया। कभी समंदर ने उफान मारकर लाखों लोगों को अपनी आगोश में ले लिया, तो कभी धरती के सीने में ऐसी हलचल हुई कि हंसते-खेलते शहर मलबे का ढेर बन गए। कभी बारूद के धुएं ने मासूमों की सांसें छीनीं, तो कभी मानव इतिहास का सबसे भयानक परमाणु हादसा हुआ। हाल ही में नेपाल में ग्लेशियर फटने से आई प्रलयंकारी बाढ़ ने एक बार फिर पूरी दुनिया को इस '26 तारीख' के खौफनाक और रहस्यमयी संयोग को याद दिला दिया है। आइए, इतिहास के पन्नों को पलटकर देखते हैं कि कैसे '26 तारीख' वक्त के साथ दुनिया के लिए एक अभिशाप बनती चली गई।

1. 26 दिसंबर 1939: एर्जिनकन का विनाशकारी भूकंप (तुर्की)

तुर्की के इतिहास की सबसे दर्दनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक 'एर्जिनकन भूकंप' 26 दिसंबर की रात को आया था। 7.8 की प्रचंड तीव्रता वाले इस भूकंप ने नॉर्थ अनातोलियन फॉल्ट लाइन को हिलाकर रख दिया था। कंपकंपाती ठंड के बीच महज कुछ सेकंडों में हजारों इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। इस तबाही में 32,700 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और कई शहर नक्शे से मिट गए थे।

2. 26 नवंबर 1943: लादिक-सैमसन भूकंप (तुर्की)

एर्जिनकन के खौफनाक घाव भरे भी नहीं थे कि 4 साल बाद फिर 26 तारीख को ही तुर्की पर प्राकृतिक आपदा का पहाड़ टूटा। 26 नवंबर 1943 को तुर्की के लादिक-सैमसन क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का एक भीषण भूकंप आया। इस आपदा में 4,020 से अधिक लोगों की जान चली गई और हजारों घर जमींदोज हो गए।

3. 26 जुलाई 1963: स्कोप्जे का महाभूकंप (युगोस्लाविया/नॉर्थ मैसेडोनिया)

युगोस्लाविया का ऐतिहासिक शहर स्कोप्जे 26 जुलाई 1963 की सुबह पूरी तरह तबाह हो गया था। 6.1 तीव्रता के इस भूकंप ने शहर के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। इस घटना में 1,070 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 2 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे।

4. 26 मई 1983: जापान सागर में भूकंप और विनाशकारी सुनामी

जापान के उत्तरी तटीय इलाकों में 26 मई 1983 को आए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने समंदर के भीतर खलबली मचा दी थी। इसके तुरंत बाद उठी 14 मीटर ऊंची प्रचंड सुनामी की लहरों ने अकिता और आओमोरी प्रांतों में भारी तबाही मचाई, जिसमें 104 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों नावें और तटीय घर बह गए।

5. 26 अप्रैल 1986: चेर्नोबिल परमाणु त्रासदी (यूक्रेन/सोवियत संघ)

इंसानी इतिहास की सबसे भयावह और भयानक परमाणु आपदा 26 अप्रैल 1986 की रात सोवियत संघ (अब यूक्रेन) के चेर्नोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट में घटी थी। रिएक्टर नंबर 4 में हुए भीषण विस्फोट से इतना खतरनाक रेडियोएक्टिव विकीरण निकला था, जो हिरोशिमा परमाणु बम से 400 गुना ज्यादा खतरनाक था। इस हादसे में लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए और यह इलाका सदियों के लिए वीरान हो गया।

6. 26 नवंबर 1987: पंतार भूकंप व सुनामी (इंडोनेशिया)

इंडोनेशिया के पंतार द्वीप समूह के पास 26 नवंबर 1987 को 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के कारण समुद्र में उठी सुनामी लहरों ने तटीय बस्तियों को पानी में डुबो दिया, जिसमें 125 लोगों की मौत हुई थी।

7. 26 अप्रैल 1990: गोंगहे भूकंप (चीन)

चीन के किंघाई प्रांत में 26 अप्रैल 1990 को आए 7.0 तीव्रता के तेज भूकंप ने पूरे गोंगहे इलाके को हिलाकर रख दिया। मिट्टी और पत्थरों से बने हजारों मकान पलक झपकते ही ढह गए, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और व्यापक आर्थिक नुकसान हुआ था।

8. 26 जनवरी 2001: गुजरात का विनाशकारी भूकंप (भारत)

भारत जब अपना 52वां गणतंत्र दिवस मना रहा था, तभी सुबह 8:46 बजे गुजरात के भुज और कच्छ इलाके में धरती मां का सीना सीवर की तरह कांप उठा। 7.7 की भीषण तीव्रता वाले इस महाभूकंप में भुज, अंजार और अहमदाबाद समेत पूरा गुजरात थर्रा उठा। देखते ही देखते 20,000 से अधिक लोग काल के गाल में समा गए, 1.67 लाख लोग घायल हुए और करोड़ों की संपत्ति खाक में मिल गई।

9. 26 दिसंबर 2003: बाम शहर का अंत (ईरान)

ईरान का 2000 साल पुराना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर 'बाम' 26 दिसंबर 2003 को इतिहास के पन्नों से गायब होने की कगार पर पहुंच गया था। 6.6 तीव्रता के भूकंप ने मिट्टी की ईंटों से बने प्राचीन महलों और बस्तियों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया। इस त्रासदी में लगभग 31,000 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी।

10. 26 दिसंबर 2004: हिंद महासागर का प्रलयंकारी तांडव (सुमात्रा सुनामी)

26 दिसंबर 2004 की सुबह दुनिया कभी नहीं भूल सकती। इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के पास समुद्र के भीतर आए 9.1 तीव्रता के महाभूकंप ने इतिहास की सबसे भयानक सुनामी को जन्म दिया। समंदर की 30 मीटर ऊंची दैत्यकारी लहरों ने भारत, इंडोनेशिया, श्रीलंका और थाईलैंड सहित 14 देशों के तटीय इलाकों में प्रलय ला दी। इस प्राकृतिक आपदा में 2,28,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

11. 26 जुलाई 2005: मुंबई की महाजलप्रलय (भारत)

26 जुलाई 2005 को सपनों की नगरी मुंबई पानी के समंदर में डूब गई थी। महज 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 944 मिलीमीटर (37.1 इंच) बारिश हुई, जिसने पूरे शहर को ठप कर दिया। ट्रेनें, बसें और गाड़ियां पानी में बहने लगीं। इस भयानक जलप्रलय और उससे जुड़ी घटनाओं में पूरे महाराष्ट्र के भीतर 1,094 लोगों की अकाल मृत्यु हुई थी।

12. 26 मई 2006: योग्याकार्ता भूकंप (इंडोनेशिया)

इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित योग्याकार्ता शहर में 26 मई 2006 की सुबह 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि यह भूकंप समुद्र के भीतर नहीं था, लेकिन कम गहराई के कारण इसने भीषण तबाही मचाई। इस त्रासदी में 5,700 से अधिक लोगों की मौत हुई और 38,000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

13. 26 जुलाई 2008: अहमदाबाद सीरियल बम धमाके (भारत)

26 जुलाई 2008 की शाम आतंकवादियों ने गुजरात के अहमदाबाद शहर को निशाना बनाया। महज 70 मिनट के भीतर शहर के अस्पतालों, बसों और व्यस्त बाजारों में 21 सिलसिलेवार बम धमाके किए गए। इस आतंकी हमले में 56 निर्दोष लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोग लहूलुहान हुए थे।

14. 26 नवंबर 2008: 26/11 मुंबई का खौफनाक आतंकी हमला (भारत)

26 नवंबर 2008 की रात भारत के इतिहास पर एक और काला धब्बा बनकर दर्ज हुई। पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा के 10 खूंखार आतंकियों ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट और नरीमन हाउस पर अंधाधुंध गोलीबारी की। तीन दिनों तक चले इस खौफनाक तांडव में 166 बेगुनाह लोग मारे गए, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

15. 26 अक्टूबर 2015: हिंदू कुश का भीषण भूकंप (अफगानिस्तान/पाकिस्तान/भारत)

हिंदू कुश पर्वत शृंखला में 26 अक्टूबर 2015 को आए 7.5 तीव्रता के भूकंप ने पूरे दक्षिण एशिया में दहशत फैला दी थी। अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत में तेज झटके महसूस किए गए थे। इस प्राकृतिक आपदा में अफगानिस्तान और पाकिस्तान में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

16. 26 अगस्त 2026: नेपाल-तिब्बत सीमा पर विनाशकारी जलप्रलय

नेपाल में 26 अगस्त 2026 को प्रकृति का एक और खौफनाक चेहरा देखने को मिला। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ल्हेंडे खोला कैचमेंट में अचानक भयानक हिमस्खलन हुआ और ग्लेशियर की झील फट गई। इससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में जलस्तर अचानक कई मीटर ऊपर उठ गया। इस विनाशकारी जलसैलाब ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों की बस्तियों को चुटकियों में तबाह कर दिया। इस त्रासदी में 1,200 से अधिक लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है और 4,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

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