PNG की फुल फॉर्म पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) है। यह एक प्रकार की प्राकृतिक गैस (मीथेन) है, जिसे पाइप के माध्यम से घरों और होटलों तक पहुंचाया जाता है। इसकी खास बात ये है कि इसमें एलपीजी की तरह सिलेंडर की जरुरत नहीं होती है।
पीएनजी का 50 प्रतिशत उत्पादन भारत में होता है। उत्पादन के साथ भारत में प्राकृतिक गैस आयात भी की जाती है। PNG दरअसल प्राकृतिक गैस (Natural Gas) होती है, जिसमें मुख्य रूप से मीथेन (Methane) गैस होती है।
होर्मुज से आयात होकर आई एलएनजी को पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस में यानी पीएनजी में परिवर्तित कर घरों तक पहुंचाया जाता है। इस तरह पीएनजी तैयार होती है।
सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस), अंगोला, ओमान और नाइजीरिया से द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) भारत में आयात होती है।
मार्च 2026 तक भारत में पीएनजी के करीब 1.62 करोड़ कनेक्शन है। इसमें करीब 1.03 करोड़ सक्रिय उपभोक्ता है, जो इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की शुरुआत 1970 के दशक में सबसे पहले गुजरात के वडोदरा (Vadodara) शहर में घरेलू उपयोग के लिए हुई थी। यह वही शहर हैं, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस नेटवर्क को लागू किया गया था। देश में शहरी गैस वितरण (CGD) प्रणाली की शुरुआत थी।
एलपीजी सिलेंडर में आती है और पीएनडी पाइप के माध्यम से इसी वजह के इसकी निरंतर अपूर्ति होती है। एलपीजी की तुलना में यह अधिक सुरक्षित और किफायती है। पीएनजी में सिलेंडर बुकिंग की और गैस खत्म होने की झंझट कम होती है।