Mangal Nakshatra Gochar 2026: ग्रहों के सेनापति मंगल 2 सितंबर 2026 की दोपहर 1 बजकर 25 मिनट पर गुरु के स्वामित्व वाले पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। मंगल अभी मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं और पुनर्वसु में प्रवेश के बाद भी मिथुन राशि में ही रहेंगे। यह नक्षत्र परिवर्तन 24 सितंबर 2026 की सुबह तक रहेगा।पुनर्वसु 27 नक्षत्रों में सातवां नक्षत्र है और इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। मंगल को साहस, पराक्रम, जमीन, संपत्ति, तकनीक, ऊर्जा और निर्णय का कारक माना जाता है, जबकि गुरु ज्ञान, विस्तार, धन, शिक्षा और अवसरों के कारक हैं। मंगल का गुरु के नक्षत्र में जाना इन दोनों ग्रहों के गुणों को एक साथ सक्रिय करता है। मिथुन राशि में बैठे मंगल के कारण इसका असर खासतौर पर कम्युनिकेशन, व्यापार, नेटवर्किंग, तकनीक, शिक्षा, यात्रा, मार्केटिंग और नए प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों में दिखाई दे सकता है। राशि के हिसाब से मेष, सिंह, तुला, धनु और कुंभ के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन ज्यादा फायदेमंद रहने वाला है।
पुनर्वसु का संबंध विस्तार के साथ-साथ दोबारा शुरुआत करने से है। मंगल जिस काम को तेजी से आगे बढ़ाता है, गुरु का नक्षत्र उसमें दिशा और विस्तार का तत्व जोड़ता है। यही वजह है कि इस दौरान लंबे समय से अटके काम दोबारा शुरू हो सकते हैं।मंगल मिथुन में होने के कारण बोलने, लिखने, बातचीत, व्यापारिक संपर्क, डिजिटल काम और निर्णय लेने की क्षमता को तेज करेगा। जिन लोगों ने किसी प्रोजेक्ट को बीच में छोड़ दिया था, वे उसे नए तरीके से शुरू कर सकते हैं। मंगल का यह नक्षत्र गोचर केवल 2 सितंबर का प्रभाव नहीं है। 2 सितंबर से 24 सितंबर तक इसका असर रहेगा।
मेष राशि के लिए मिथुन तीसरा भाव है। तीसरा भाव साहस, पराक्रम, कम्युनिकेशन, छोटे भाई-बहन, यात्रा और अपने प्रयासों का होता है। मंगल स्वयं तीसरे भाव में आकर पुनर्वसु नक्षत्र में रहेंगे, इसलिए मेष राशि वालों के सेल्फ-एफर्ट और निर्णय क्षमता में तेज बढ़ोतरी होगी। नौकरी में अपने दम पर कोई प्रोजेक्ट संभालने का मौका मिल सकता है। कारोबारियों को नए क्लाइंट मिलेंगे और पुराने संपर्क फिर काम आ सकते हैं। मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स, डिजिटल और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों के लिए समय खास रहेगा। मंगल की दृष्टि छठे भाव पर होने से प्रतियोगिता में भी बढ़त मिलेगी। मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।
सिंह राशि के लिए मिथुन 11वां भाव है। यह आय, लाभ, नेटवर्क और इच्छापूर्ति का भाव है। मंगल का यहां गोचर पुनर्वसु नक्षत्र में होने से कमाई और नेटवर्किंग दोनों मजबूत होंगे। नौकरी करने वालों को इंक्रीमेंट, इंसेंटिव या नई जिम्मेदारी से फायदा मिल सकता है। कारोबारियों को बड़े ग्राहक मिल सकते हैं। लंबे समय से रुका हुआ पेमेंट वापस आने की संभावना भी बढ़ेगी। मंगल की दृष्टि पांचवें भाव पर होने से निवेश और रचनात्मक काम में सक्रियता बढ़ेगी, हालांकि सट्टेबाजी में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। मंगलवार को मसूर की दाल का दान करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
तुला राशि के लिए मिथुन नवम भाव है। नवम भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा और गुरु का भाव है। मंगल यहां से भाग्य और प्रयास के बीच सीधा संबंध बनाएंगे। नौकरी में प्रमोशन या नई भूमिका का मौका मिल सकता है। विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा या दूसरे शहर में काम से जुड़े अवसर सामने आ सकते हैं। कारोबार में दूर स्थान के लोगों से संपर्क लाभ देगा। मंगल की चौथी दृष्टि 12वें भाव पर होने से विदेश और यात्रा से जुड़े खर्च भी बढ़ सकते हैं, लेकिन सही योजना से यही खर्च आगे लाभ का रास्ता खोल सकते हैं। मंगलवार को लाल मसूर का दान करें और मंदिर में लाल फूल चढ़ाएं।
धनु राशि के लिए मिथुन सातवां भाव है। सातवां भाव व्यापार, साझेदारी, जीवनसाथी, पब्लिक डीलिंग और बाजार का होता है। मंगल का यहां गोचर कारोबारियों के लिए खास रहेगा। पुनर्वसु नक्षत्र गुरु का है और गुरु धनु राशि के स्वामी हैं। ऐसे में मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन बिजनेस विस्तार और नए कारोबारी संपर्क के लिए अच्छा परिणाम दे सकता है। नई डील फाइनल हो सकती है और पार्टनरशिप से फायदा मिल सकता है। नौकरी करने वालों के लिए क्लाइंट हैंडलिंग और पब्लिक डीलिंग से जुड़े काम में सफलता बढ़ेगी। मंगलवार को गुड़ और चने का प्रसाद हनुमान जी को चढ़ाएं।
कुंभ राशि के लिए मिथुन पांचवां भाव है। पांचवां भाव शिक्षा, बुद्धि, संतान, प्रेम, रचनात्मकता और निवेश का है। मंगल यहां पुनर्वसु नक्षत्र में रहकर बुद्धि और निर्णय क्षमता को सक्रिय करेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में फायदा मिलेगा। क्रिएटिव फील्ड, मीडिया, कंटेंट, डिजाइन, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को नया काम मिल सकता है। संतान से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में भी सक्रियता बढ़ेगी। निवेश में लाभ के अवसर बनेंगे, लेकिन जोखिम देखकर ही पैसा लगाएं। मंगलवार को हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
मंगल के पुनर्वसु में आने से टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशन, मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स, शिक्षा, कंसल्टेंसी, रियल एस्टेट और व्यापार से जुड़े कामों में तेजी आ सकती है।खासकर वह काम जिसमें आइडिया के साथ उसे जमीन पर उतारने की क्षमता चाहिए, उसमें मंगल का यह गोचर उपयोगी रहेगा। गुरु का नक्षत्र विस्तार देता है और मंगल उस विस्तार के लिए ऊर्जा और कार्रवाई देता है।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।