भारत में एक ऐसा अनोखा जिला है जो चार राज्यों के बीच में बसा हुआ है। यह जिला चार अलग-अलग राज्यों के साथ सीमा साझा करता है। यह जिला उत्तर प्रदेश में पड़ता है। जिसका नाम सोनभद्र है।
सोनभद्र उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। यह 6788 वर्ग किमी एरिया में फैला हुआ है। यह भारत का इकलौता जिला है, जिसकी बॉर्डर चार राज्यों के साथ लगता है। ये राज्य मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ हैं।
सोनभद्र जिला विंध्य और कैमूर पर्वत श्रृंखला के बीच में बसा है। इस जिले को मिर्जापुर से अलग करके साल 1989 में बसाया गया था। सोनभद्र को खनिजों के भंडार के लिए भी जाना जाता है। यहां पर सबसे ज्यादा पावर प्लांट होने के कारण इसे एनर्जी कैपिटल ऑफ इंडिया भी कहा जाता है।
सोनभद्र को स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया भी कहते हैं। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस जिले की खूबसूरती और पर्वतीय पर्यटक स्थल की वजह से इसे भारत के स्विट्जरलैंड की संज्ञा दी थी।
सोनभद्र से रिहंद, सोन, कनहर, पागंन, घाघरा जैसी नदियां बहती हैं। ये नदियां जिले की खूबसूरती को और निखारती हैं। सोनभद्र की प्राकृतिक सुंदरता दूर-दूर से पर्यटकों को अपनी तरह आकर्षित करती है।
सोनभद्र के नाम को लेकर मान्यता है कि यहां बहने वाली सोन नदी के ना पर इस जिले का नामकरण हुआ है। इस जिले में श्रीरेणकेश्वर महादेव मंदिर, विजयगढ़ का किला, अगोरी किला, चंद्रकांता किला, सल्खान फॉसिल पार्क, कैमूर वाइल्डलाइफ सेंचुरी, धांद्रोल बांध, मुखा झरना जैसे प्रमुख स्थान हैं।